नई दिल्ली। देश की महत्वपूर्ण संसदीय समिति ने डोकलाम पर सरकार से खास सिफारिश की है। कहा है कि सरकार भूटान को डोकलाम में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करे। डोकलाम भूटान के स्वामित्व वाला इलाका है जहां पर 2017 में चीनी सैनिकों ने सड़क बनाकर कब्जे की कोशिश की थी।

इसी के बाद भारतीय सैनिकों के सक्रिय होने पर भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने डटी रही थीं। विदेशी मामलों की संसदीय समिति ने सरकार से यह सिफारिश की है। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इसके सदस्य हैं।

समिति की शनिवार को हुई बैठक में राहुल गांधी उपस्थित नहीं थे, उनकी गैरमौजूदगी में यह महत्वपूर्ण सिफारिश की गई। इसी महीने के शुरू में हुई समिति की बैठक इस सिलसिले में कोई फैसला इसलिए नहीं ले पाई थी क्योंकि उसमें भाजपा की ओर से नामित सदस्य शामिल नहीं हुए थे।

इस कारण बैठक में निर्णय लेने के लिए सदस्य संख्या अधूरी थी। संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इलाके में भारतीय सैनिकों की तैनाती बढ़ाई जाए या नहीं।

बैठक में शामिल भाजपा के सदस्यों ने रक्षा सचिव और पूर्व विदेश सचिव के बयानों को सार्वजनिक न करने पर जोर दिया था लेकिन उन बयानों को संवेदनशील न मानते हुए समिति ने रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को बताया कि डोकलाम मसले पर भूटान मजबूती से भारत के साथ है।

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