सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए 14 साल की सेवा पूरी कर चुकीं सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन देने का आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को केंद्र सरकार ने चुनौती दी थी। यानी 14 साल की सेवा होने के बाद अब महिला अधिकारी 20 साल तक सेवाएं दे सकेंगी, इसके बाद पेंशन मिलेंगी। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने केंद्र की इस बात पर भी नाराजगी जताई कि इन महिलाओं को कॉम्बेट ऑपरेशन पर नहीं भेजा जाएगा, सिर्फ ऑफिस में काम न करवाया जाए।

जानिए क्या है पूरा मामला

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2010 में यह फैसला सुनाया था। तब केंद्र सरकार ने कहा था कि वह एक नीति बनाने जा रही है। सोमवार हुई सुनवाई में इस नीति का खुलासा हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार ने नीति बनाने में 10 साल लगा दिए। वहीं सरकार ने नीति में लिखा कि मार्च 2019 के बाद जो महिलाएं 14 साल की सेवा पूरी करेंगी, उन्हें स्थायी कमीशन दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर भी आपत्ति ली और कहा कि यह नीति गलत है। सभी महिलाओं को इसका हक दिया जाना चाहिए।

SC का कहना है कि महिला अधिकारियों को एक अवसर से वंचित करने के लिए शारीरिक सीमाओं और सामाजिक मानदंडों के मुद्दे के बारे में केंद्र की नीति को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

महिला अधिकारी खुश, बताया ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताते हुए ले. कर्नल सीमा सिंह ने कहा, यह एक ऐतिहासिक फैसला है। महिलाओं को समान अधिकार मिलना ही चाहिए।

Posted By: Arvind Dubey