PF Alert: ईपीएफओ एक सितंबर से कर्मचारी भविष्य निधि के कुछ नियमों में बदलाव करने जा रहा है। नए अपडेट के अनुसार, सितंबर से, आपकी कंपनी आपके पीएफ खाते में केवल तभी पैसा जमा कर पाएगी, जब आपका यूएएन आपके आधार कार्ड से जुड़ा होगा। इसलिए, रिटायरमेंट फंड के विभिन्न लाभ प्राप्त करने के लिए अपने आधार कार्ड को भविष्य निधि खाते से जोड़ना अनिवार्य है।

नए नियम को लागू करने के लिए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 142 को संशोधित किया है। इसलिए, यदि ग्राहक रिटायरमेंट फंड के लाभ लेना चाहते हैं तो अपने आधार कार्ड को आपके पीएफ खाते के साथ लिंक करना जरूरी है।

सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 142 में संशोधन

ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि आधार और यूएएन को लिंक नहीं किया जाता है, तो नियोक्ता कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान को फंड में जमा नहीं कर पाएंगे। ईपीएफओ ने इस नए नियम को लागू करने के लिए सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 142 में संशोधन किया है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 03 मई, 2021 से सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 142 को लागू किया है, जिसके तहत एक कर्मचारी या कोई अन्य लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत किसी भी लाभ को प्राप्त करने के लिए, आधार संख्या के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करना जरूरी है।

क्या होगा नुकसान

1 सितंबर से पीएफ खाता और आधार कार्ड लिंक नहीं होने पर सिर्फ मासिक ईपीएफ योगदान ही नहीं, कई अन्य सुविधाएं और ईपीएफओ सेवाएं भी प्रभावित होंगी। इसके अलावा, पेंशन फंड में आपका योगदान भी प्रभावित होगा। आधार को लिंक न करने से पेंशन फंड में योगदान भी प्रभावित होगा। कर्मचारियों का अंशदान तब तक जमा नहीं किया जाएगा जब तक कि लिंकिंग नहीं हो जाती और कर्मचारियों को उस राशि पर ब्याज नहीं मिलेगी।

जून में भी बदले थे कई नियम

ईपीएफओ ने जून में ईसीआर दाखिल करने के नियम बदले थे। ईपीएफओ ने निर्देश दिया था कि 1 जून, 2021 से केवल आधार से जुड़े यूएएन के लिए इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न दाखिल किए जा सकेंगे। 15 जून, 2021 को ईपीएफओ ने आधार संख्या को जोड़ने की अंतिम तिथि बढ़ा दी थी। इसलिए, नियोक्ताओं के लिए ईसीआर दाखिल करते समय 31 अगस्त, 2021 तक अपने कर्मचारियों के आधार नंबर को यूएएन के साथ जोड़ना जरूरी है।

Posted By: Arvind Dubey