PM Kisan 11th Installment 2022: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त के लिए लाभार्थी किसानों का इंतजार खत्म होने को है। हालांकि अभी तक कुछ भी आधिकारिक घोषित नहीं किया गया है। पीएम किसान के तहत 2000 रुपये की 11वीं किश्‍त 31 मई को जमा किए जाने की संभावना है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हाल ही में मध्य प्रदेश में आयोजित एक कृषि कार्यक्रम में यह घोषणा की। किसान सम्मान निधि की अब तक 10 किश्त किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। उम्मीद की जा रही थी कि मई तक 11वीं किस्त भी किसानों के खाते में आ जाएगी। हालांकि, कई नियमों में बदलाव और लाखों किसानों द्वारा ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं करने के कारण अभी तक किस्त जारी नहीं की गई है। इसके अलावा, पीएम किसान योजना में धोखाधड़ी से निपटने के लिए, सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। 31 मई तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले किसान 11वीं किश्‍त से वंचित हो जाएंगे।

किसान ई-केवाईसी प्रक्रिया को ऐसे पूरा करें

1. पीएम किसान के आधिकारिक वेबपेज पर जाएं: https://pmkisan.gov.in/

2. पेज के दाईं ओर उपलब्ध ईकेवाईसी ऑप्‍शन पर क्लिक करें।

3. अपना आधार कार्ड नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें और सर्च पर क्लिक करें।

4. आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें।

5. 'गेट ओटीपी' पर क्लिक करें और ओटीपी दर्ज करें।

कौन पात्र है, कौन अपात्र

इसके अलावा, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यदि आप एक छोटे या सीमांत किसान हैं, लेकिन आपके परिवार का कोई सदस्य (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) टैक्स देता है, तो आपको पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगर जमीन का मालिक सरकारी कर्मचारी है या उसे सालाना 10,000 रुपये पेंशन मिलती है तो ऐसे किसानों को योजना से बाहर कर दिया जाता है।

यह है योजना का मुख्‍य ध्‍येय

दिसंबर 2018 में शुरू हुई, पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य उन किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के हिस्से के रूप में, भूमिधारक किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का भत्ता मिलता है, जो चार महीने के अंतराल में साल में तीन बार वितरित किया जाता है। अब तक, केंद्र ने किसानों के कल्याण के लिए पीएम-किसान योजना पर 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close