PM Modi all party meeting नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक खत्म हो चुकी है। बैठक में सत्र शुरू होने के एजेंडे और सदन में होने वाले महत्वपूर्ण कार्यों पर चर्चा हुई। इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर आर चौधरी, आनंद शर्मा, टीएमसी से सुदीप बनर्जी और डैरेक ओ ब्रायन, डीएमके के टीआर बालू और टी सिवा, एनसीपी के शरद पवार शामिल हुए हैं। टीएमसी के सुदीप बनर्जी ने इससे पहले कहा कि टीएमसी कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठक में हिस्‍सा नहीं लेगी। सर्वदलीय बैठक के आखिर में आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने हंगामा किया और बैठक से वॉकआउट कर दिया। आप नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक में बोलने का अवसर नहीं दिया गया। वहीं दूसरी ओर राज्यसभा के उपसभापति वेंकैया नायडू ने भी रविवार शाम को सदन के नेताओं की बैठक बुलाई है।

गौरतलब है कि देश में जब भी संसद सत्र शुरू होता है तो उससे पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा रही है। इस बैठक में बुलाने का मकसद यह रहता है कि कि संसद का काम सुचारू रूप से चल सके। इस बार सरकार शीतकालीन सत्र में कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा।

कृषि कानूनों की वापसी पर बिल लाएगी सरकार

इस बार संसद का शीतकालीन सत्र इसलिए खास है क्योंकि सरकार 3 कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक बिल पेश करेगी। गौरतलब है कि किसान आंदोलन को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 19 नवंबर को कृषि कानूनों को रदद् करने की घोषणा की थी। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बाद भी किसान संगठनों ने अपना आंदोलन वापस नहीं लिया है। किसान संगठन अब MSP पर कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा भी किसान संगठनों ने सरकार के सामने 6 मांगें रखी है। इधर शीतकालीन सत्र में विपक्ष कृषि कानूनों को वापस लेने के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। कांग्रेस ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में अपने सदस्यों के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने अपने सांसदों को सोमवार को सदन में मौजूद रहने को कहा है।

Posted By: Sandeep Chourey