PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र यूरिया पर प्रति बोरी 3200 रु तथा डीएपी पर 2500 रु की Subsidy दे रहा है। देश फर्टीलाइजर की जरुरत का एक चौथाई विदेश से आयात करता है। नैनो तरल यूरिया के इनोवेशन से हम आत्मनिर्भरता की ओर बढेंगे। गुजरात में 6 गांव सहकारिता की अर्थव्यवस्था के मॉडल के रूप में विकसित किये जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गांधीनगर महात्मा मंदिर पर सहकार से सम्रद्धी गोष्ठी कार्यक्रम को संबोधित किया तथा इफको के नैनो तरल यूरिया प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 8 साल में कामचलाऊ नहीं खोजे बल्कि स्थायी समाधान किये हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास का ही फल है कि भारत आज दुध उत्पादन में विश्व में नंबर एक पर है। पशुपालन का सालाना कारोबार 9 लाख 50 हजार करोड रु का होता है जो गेहूं व धान की पैदावार से भी अधिक है। सहकारी संस्थाओं को देश व दुनिया में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार ने उनको करों में राहत दी है। गुजरात की 17 लाख महिलाएं पशुपालन से जुडी हैं करीब साढे पांच हजार सहकारी मंडलियां व सोसायटियां सहकारिता क्षैत्र से जुडी हैं, गुजरात की आदिवासी महिलाओं का लिज्जत पापर आज वैश्विक ब्रांड बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यूरिया की कालाबाजारी के कारण किसानों को यूरिया के लिए लाठी खानी पडती थी। मोदी ने कहा कि पहले कोरोना महामारी तथा बाद में यूक्रेन – रुस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी उपलब्धता कम हुई व दाम बढे लेकिन सरकार ने इन मुसीबतों का असर किसानों पर नहीं पडने दिया। केंद्र ने इस साल किसानों को यूरिया व डीएपी पर 1 लाख 60 हजार करोड की सब्सीडी दी, अगले साल यह दो लाख करोड से अधिक हो जाएगी।

केंद्रीय ग्रह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि सहकारिता गुजरात की पहचान है। गुजरात ने सहकारिता के क्षैत्र में गुजरात का गौरव बढाया है। सरदार पटेल व त्रिभूवनभाई पटेल ने मिलकर अमूल की नींव रखी जो आज सहकारिता का श्रेष्ठ उदाहरण है। पहले सहकारिता को कोई मान्यता नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र में एक अलग मंत्रालय का गठन कर इसे पहचान दी। देश में सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन, महिला सहकारी समितियां, दुग्ध उत्पादक समितियों का एक डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

गांधीनगर व देश के अन्य शहरों में ऑर्गेनिक लेब बनाई जाएगी ताकि लोगों को प्रमाणित ऑर्गेनिक उत्पाद मिल सकें। नई सहकार नीति के लिए किसानों व सहकारीता संस्थाओं से सुझाव मांगे गये हैं। केंद्र ने किसानों, गन्ना उत्पादकों व सहकारिता क्षैत्र पर लगने वाले करों को 12 से घटाकर 7 प्रतिशत तक कर दिया है।

बजट में किसानों के लिए 8 हजार करोड रु का प्रावधान किया गया। सहकारिता के आंदोलन के मूल में आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी की भावना है। समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आजादी के पहले असहकारी नीति अपनाई थी अब आजादी के बाद सहकारिता की नीति से ही देश का कल्याण होगा।

नैनो तरल यूरिया प्लांट

गांधीनगर जिले के कलोल में इफको [इंडियन फार्मर्स फर्टीलाइजर कॉऑपरेटिव लिमिटेड ] के 175 करोड की लागत से बने नैनो तरल यूरिया प्लांट का प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल उद्घाटन किया। इसकी उत्पादन क्षमता 500 एमएल की डेढ लाख बोतल प्रतिदिन है। यूरिया की एक बोरी का फर्टीलाइजर अब नैनो तरल यूरिया के रूप में 500 मिली की बोतल में समा जाएगा।

मोदी ने कहा कि तकनीक के अभाव में देश की कई फर्टीलाइजर फैक्ट्रीयां बंद हो गई थीं,सत्ता में आने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उडीसा व तेलंगाना की फैक्ट्रीयों को शुरु कराया। भारत अपनी जरुरत का एक चौथाई फर्टीलाइजर तथा करीब सौ फीसदी पोटाश व फॉस्फेट विदेश से आयात करता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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