नई दिल्ली। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंनें कहा कि इस समय सब को मिल जुलकर आगे बढ़ना है। यह समय की मांग है। पहली बार आए सांसदों ने चर्चा में भाग लेकर अच्छी तरह अपनी बात रखी। साथ ही अनुभवी सांसदों ने भी अपने अनुभव का परिचय दिया।

जनता ने एक मजबूत जनादेश दिया है। यह लोकतंत्र की ताकत है। हम देश के मतदाताओं का अभिनंदन करते हैं। जनता जनार्दन आपके काम को अनुमोदित करती है, वह भगवान का रूप होती है। मेरी नजर में 130 करोड़ देशवासियों के सपने, आकांक्षा और आशा है। हमारे देश के महापुरुषों ने हमेशा अंत्योदय की बात कही है।

पिछले 5 साल के कार्यकाल में हमारे मन में गरीबों के लिए काम किया। आजादी के बाद हमने ऐसा कल्चर पैदा किया, जिसमें आम आदमी को व्यवस्था के लिए जूझना पड़ता है। 70 साल की बीमारियों को 5 साल में पूरा करना कठिन होता है लेकिन हमने फिर भी हम अपने मकसद से चलते रहे और कामयाब हुए। क्यों नहीं करते है से लेकर क्यों करते हैं कि यात्रा काफी लंबी थी। जिसका कोई नहीं उसकी सरकार है।

देश को आधुनिक बनाने के लिए योजनाओं पर हमने काम किया। राजमार्ग से लेकर शौचालय तक की सुविधा हमने दी। हम किसी की लकीर छोटी करने में अपना वक्त बरबाद नहीं करते हैं। अपनी लकीर बड़ी करते हैं। विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आप जड़ों से उखड़ चुके हैं। हमारा सपना उड़ने का नहीं बल्कि जड़ों से जुड़ने का है। हम आपको और ऊंचा उठने की शुभकामना देते हैं।

2004 से 2014 तक यूपीए सरकार ने कभी अटलजी और नरसिंहराव की सरकार की तारीफ नहीं की। वो लोग काफी बड़े-बड़े हैं। मैं अकेला पीएम हूं जिसने कहा कि देश को आगे ले जाने में सबका योगदान है। गुजरात में लंबे समय तक मैं सीएम रहा। पिछली सरकार में परिवार के बाहर किसी को कुछ नहीं मिला। सवा सौ करोड़ देशवासियों ने देश को आगे बढ़ाया है। लोगों को जानकारी नहीं 25 जून को क्या है। इस दिन आपातकाल लगाकर देश के महापुरुषों को जेल में डाल दिया गया था। सिर्फ सत्ता बचाने के लिए यह किया गया था। संविधान को कुचलने के पाप को कोई भूल नहीं सकता है।

महात्मा गांधी का आजादी में अहम योगदान था। उन्होंने पूरे देश में आजादी का माहौल बनाया था। छोटा सोचना मुझे पसंद नही हैं। यदि सवा सौ करोड़ लोगों की बात होती है तो मुझे छोटा सोचना भी नहीं चाहिए। जब हौंसला बना लिया ऊंची उड़ान का, तो देखना फिजूल है कद आसमान का।

इस सरकार को अभी तीन सप्ताह हुए हैं। 3 सप्ताह में हमने आराम नहीं किया काम किया। हमने इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लिए। किसानों, सेना के जवानों के हित में फैसले लिए। मानव अधिकार से जुड़े कानून के लिए जरूरी तैयारी की। भारत में पानी के संबंध में जितना काम हुआ उसमें बाबा साहेब आंबेडकर का अहम योगदान रहा, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल ने कभी उसका श्रेय उनको नहीं दिया।

यहां सरदार सरोवर डैम की भी बात की गई। 1961 में इसकी नीव पंडित नेहरू ने रखी थी। उसके बाद 6000 करोड़ का प्रोजेक्ट था वह पूरा होते- होते 60 हजार करोड़ तक पहुंच गया।सरदार सरोवर बांध सरदार पटेल का सपना था। लेकिन इस डैम पर काम में देरी होती रही। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, मुझे इस परियोजना के लिए उपवास तक करना पड़ा था। NDA के सत्ता में आने के बाद इसके काम की गति में वृद्धि हुई और आज इससे लोगों को लाभ हो रहा है।

हमने इस बार जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। जल संकट को हमने गंभीरता से लेना होगा। जल संचय पर हमने पूरा ध्यान देना होगा। पानी बचाना है, ये काम करके हम सामान्य मानवी की जिंदगी को बचा सकते हैं। पानी का संकट दूर करके हम गरीबों और माताओं को बड़ी सहुलियत दे सकते हैं। गरीब और माता बहनों को पानी का संकट ज्यादा परेशान करता है। शौचालय बनाकर हमने लोहियाजी का सपना पूरा किया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह आपातकाल नहीं जो जेल में डाल दे। कानून के मुताबिक सब कुछ तय होगा। 35 साल बाद कांग्रेस के पास मौका आया है कि वह महिलाओं के हित से संबंधित तीन तलाक बिल का समर्थन करे। शाहबानों मसले पर कांग्रेस के मंत्री ने कहा था। मुसलमानों के उत्थान की जिम्मेदारी कांग्रेस की नहीं है।

Posted By: Neeraj Vyas