प्रदीप सिंह, जमशेदपुर। 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर की तपिश और गर्म हवा के थपेड़ों के बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश के पंचायत प्रतिनिधियों से रूबरू होंगे। हर कोने से भागीदारी करने आए सरपंच-मुखिया को मोदी मंत्र का इंतजार है।

मध्य प्रदेश से आए युवा संजीव से लेकर गुजरात के वृद्ध सरपंच डाहया भाई इसे एक अजूबा प्रयोग मानते हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने पंचायत के जरिए सशक्त गांव का सपना देखा था। संयोग है कि उसी भूमि के नरेंद्र मोदी उनकी कल्पनाओं को धरातल पर उतारने में लगे हैं।

ग्राम उदय का महत्व तब और बढ़ जाता है जब शहरों पर आबादी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन में मोदी का जोर गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, बच्चों के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर होगा। पिछले वर्ष दिल्ली में आयोजित पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में मोदी ने कहा था कि अगर एक गांव में हर साल पांच लोगों को गरीबी रेखा की सूची से बाहर निकालने की कोशिश पंचायत प्रतिनिधि करें तो देश की सूरत बदल जाएगी।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का कहना है कि यह राज्य के लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायती राज मॉडल की घोषणा के लिए झारखंड का चयन किया है। इससे राज्य का मान बढ़ा है। ग्राम उदय से भारत उदय की परिकल्पना साकार होगी।

जेआरडी तैयार, पीएम का इंतजार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए जेआरडी स्पोर्ट्स कंपलेक्स पूरी तरह से तैयार है। अब सभी को प्रधानमंत्री का इंतजार है। जेआरडी में सुरक्षा का घेरा त्रिस्तरीय होगा। अंदर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), उसके बाद अर्द्धसैनिक बल के जवान और बाहर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से अधिकतर पंचायत प्रतिनिधि शहर पहुंच चुके हैं। जेआरडी में प्रधानमंत्री देश की श्रेष्ठ पंचायतों को पुरस्कार भी देंगे। कुल 263 पंचायतें पुरस्कृत होंगी।

इनमें से 13 पुरस्कार प्रधानमंत्री के हाथों बंटने हैं। पुरस्कार वितरण के बाद प्रधानमंत्री पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। उनका यह भाषण पूरे देश में हर पंचायत में टीवी और रेडियो पर सुना जा सकेगा।

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