नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की हार के बाद बैकफुट पर आए कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। शाह ने बताया कि तीन राज्यों में विपक्षी दल की जीत जरूर हुई है, लेकिन भाजपा पराजित नहीं हुई है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हो रही ज्यादतियों के खिलाफ देशभर के कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया।

पराजित होने का अर्थ समझाते हुए अमित शाह ने कहा कि जैसे कांग्रेस, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में गायब हो गई है, उसे पराजित होना कहते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा पूरी ताकत के साथ खड़ी है और उसकी जमीन बरकरार है। चुनाव में हार-जीत लगी रहती है, लेकिन उससे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव परिणाम विधानसभा से अलग होगा। मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे परस्पर विरोधियों की ओर इशारा करते हुए शाह ने कार्यकर्ताओं को 50 फीसद की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा। शाह ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं और सपने पूरे करने में सिर्फ भाजपा ही सक्षम है। जबकि कांग्रेस ने देश को परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के तीन नासूर दिए हैं।

परिवारवाद ने जहां क्षमता से संपन्न युवाओं को आगे बढ़ने से रोका, वहीं जातिवाद और तुष्टीकरण ने देश का विकास रोकने का काम किया। भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने की कोशिश में जुटी पार्टियों की इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ये सभी कांग्रेस की तरह परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं।