नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी तक कम से कम 10 मिलियन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड के लिए नामांकन करने के लिए कृषि मंत्रालय से कहा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने बताया कि किसानों को ऋण देने के औपचारिक स्रोतों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर पीएम ने चिंता व्यक्त की।

अधिकारियों ने नाम नहीं बताने के अनुरोध पर कहा कि पीएम ने कहा कि वह किसानों को कार्ड वितरित करने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तैयार हैं। हालांकि, यह कार्यक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 24-25 फरवरी को होने वाली भारत यात्रा के बाद होगा। किसान उर्वरक से लेकर सिंचाई उपकरण तक विभिन्न इनपुट खरीदने के लिए कृषि ऋण पर निर्भर हैं। संस्थागत ऋण के लिए पर्याप्त पहुंच का अभाव होने की वजह से किसान प्रायः निजी ऋणदाताओं से ऋण लेते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय में इस महीने की शुरुआत में हुई एक बैठक में मोदी ने कहा कि यह 'चिंता का विषय' है कि पीएम-किसान योजना के तहत सभी किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं हैं। बताते चलें कि PM-KISAN सभी भूस्वामी किसानों के लिए सरकार की एक प्रमुख आय सहायता योजना है, जिसके तहत पंजीकृत किसानों को तीन किश्तों में एक वर्ष में 6,000 रुपए का नकद हस्तांतरण मिलता है।

पीएम ने कहा कि कृषि मंत्रालय के पास पहले से ही पीएम-किसान योजना के तहत 8.5 करोड़ किसानों का विवरण है। मगर, उन सभी को किसान क्रेडिट कार्ड नहीं मिला है। PM-KISAN द्वारा बनाए गए किसानों का डेटाबेस के जरिये डिजिटल नकद हस्तांतरण किसानों को किया जाता है और यह अपनी तरह की पहली योजना है। सरकार ने विभिन्न कृषि नीतियों के प्रबंधन में इसकी उपयोगिता पता की है। यह कृषि ऋण सहित योजनाओं के अधिक लक्षित वितरण के लिए इस डेटाबेस का उपयोग करने की योजना बना रहा है।

पीएम के निर्देश के बाद कृषि मंत्रालय ने जल्द ही एक करोड़ क्रेडिट कार्ड वितरित करने की रणनीति तैयार करने के लिए राज्य के अधिकारियों और अन्य मंत्रालयों के साथ सात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai