नई दिल्ली। जल्द ही खत्म हो रहे मानसून सत्र के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों के साथ भारत के संबंध मजबूत करने का सिलसिला शुरू करेंगे। अपने दूसरे कार्यकाल में वह पहली बार भूटान की यात्रा पर जाने वाले हैं। अगस्त में उनका भूटान जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दूसरे कार्यकाल में मोदी सबसे पहले मालदीव की यात्रा पर गए थे, जबकि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के पहले भूटान जाने की परंपरा रही है।

वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर अगस्त की शुरूआत में बीजिंग की यात्रा पर जाने वाले हैं। वहां वह अपने समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साष इस बार भारत में होने वाली अनौपचारिक बैठक 'वुहान-2' की तैयारी करेंगे। वहां जयशंकर लोगों के साथ ही सामाजिक संपर्कों से भी बात करेंगे।

अगले साल भारत और चीन राजनायिक संबंधों के 70 साल पूरे होने के मौके पर उसका उत्सव मनाने की योजना बना रहे हैं। दोनों देशों के बीच 70 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोनों विदेशमंत्रियों को यह काम दिया गया है। जयशंकर भी चीनी सरकार के साथ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

इसमें सीमा विवाद को निपटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने, भारतीय कंपनियों के लिए चीनी बाजार में ज्यादा पहुंच सुनिश्चित कराना और चीन को सामानों का निर्यात करना शामिल होगा। मोदी और शी जिनपिंग ने बिश्केक में एससीओ समिट से इतर अपनी अगली अनौपचारिक मुलाकात करने का फैसला किया था।