प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ राज्यों ने अच्छी पहल करते हुए इस योजना को लागू किया है। साथ ही उन्होंने अपील की कि अन्य राज्य भी इस योजना को लागू करें। इस योजना के लागू होने के बाद उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो प्रवासी हैं और काम की तलाश में अपने गांव को छोड़कर दूसरे राज्यों में जा बसे हैं। ऐसे में उन्हें उनके गांव में बने राशन कार्ड से देश के किसी भी शहर में राशन ले सकेंगे। फिलहाल यह योजना देश के 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है।

जून महीने से होनी थी लागू

यह योजना पूरे देश में जून महीने में लागू की जानी थी लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण ऐसा नहीं हो पाया। फिलहाल यह योजना केवल 20 राज्यों में चल रही है।

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड

नेशनल फूज सिक्यॉरिटी एक्ट NFSA 2013 के अनुसार देश के करीब 81 करोड़ लोगों को सबसिडी के साथ अनाज खरीदने का अधिकार है और अब तक 23 करोड़ लोगों को यह राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वन नेशन वन राशन कार्ड पूरी तरह से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह है जिसमें आप चाहें उस राज्य में राशन ले सकते हैं। इसके लिए आपको उस राज्य के गांव या शहर में अलग से राशन कार्ड नहीं बनवाना होगा।

ऐसे बनवा सकते हैं आप अपना कार्ड

वन नेशन वन राशन कार्ड का आप भी फायदा लेना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे जरूरी होगा आपके पास इस योजना के तहत बना राशन कार्ड। अगर यह योजना आपके गांव या शहर में लागू है तो आप इस योजना का लाभ लेते हुए इसके तहत राशन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके बाद इस योजना का फायदा लेने के लिए आपके पास राशन कार्ड और आधार कार्ड होना जरूरी है। अगर किसी अन्य राज्य में आप राशन लेना चाहते हैं तो आपका वेरिफिकेशन आधार नंबर के आधार पर किया जाएगा। राशन दुकान पर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऑफ सेल की मदद से लाभार्थी का वेरिफिकेशन होगा। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की जरूरत होगी।

केंद्र सरकार राज्यों को 10 अंकों का राशन कार्ड नंबर जारी करेगी जिसके पहले दो अंक राज्य का कोड होंगे वहीं अगले दो अंक राशन कार्ड का नंबर। इसके अलावा राशन कार्ड नंबर के साथ एक और दो अंकों के सेट को भी जोड़ा जाएगा। अगर आपके पास पहले से राशन कार्ड है तो वो चलता रहेगा और योजना के आधार पर उसे अपडेट किया जाएगा। इस योजना के लिए आपको अलग से नया राशन कार्ड नहीं बनवाना होगा।

ये मिलेंगे फायदे

इस कार्ड की मदद से देश के किसी भी राज्य के शहर या गांव यहा यह स्कीम लागू है वहां से लाभार्थी 3 रुपए प्रति किलो की दर से चावल और दो रुपए किलो की दर से गेहूं खरीद सकते हैं। साथ ही एक रुपए किलो की दर से मोटा अनाज मिलेगा।

इन राज्यों में है लागू

यह योजना फिलहाल आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दादर और नागर हवेली के अलावा दमन और दीव में लागू है।

Posted By: Ajay Kumar Barve

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