प्रधानमंत्री आवास योजना PMAY में आम जनता को सरकार की तरफ से घर बनाने का लोन और सब्सिडी दी जाती है। लेकिन इस लोकप्रिय योजना में भी गड़बड़ी सामने आई है। पिछले दिनों पीएम किसान योजना PM Kisan Yojana में भी ऐसा ही शिकायतें मिली थीं। इस समय प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों, प्रकरणों के सत्‍यापन का कार्य चल रहा है। इसमें अपात्र लाभार्थी पकड़ में आ रहे हैं। उत्‍तर प्रदेश में ऐसे कुछ उदाहरण सामने आए हैं। यहां कन्‍नौज जिले में इस योजना के 10 हज़ार अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं। यहां दो साल पहले पीएम आवास योजना के 50 हजार आवेदन आए थे, लेकिन वेरीफिकेशन के बाद 10 हजार अपात्र पाए गए। लिहाजा, अब कार्यवाही स्‍वरूप इन सभी के नाम ऑनलाइन लिस्‍ट से बाहर किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत बड़ी संख्‍या में फर्जी आवेदन किए गए थे। कन्‍नौज में एक ही ब्‍लॉक में 1100 से अधिक अपात्र पाए गए हैं। यहां 6 हजार कुल आवेदन आए थे।

इस तरह का हो रहा है फर्जीवाड़ा

अधिकारियों ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले लोग नियमों का उल्‍लंघन कर रहे थे। इस योजना में केवल पहली संपत्ति लेने, बनाने वाले को ही योजना का लाभार्थी माना जाता है, जबकि ऐसे कई लोगों ने आवेदन कर दिए जिनके पास पहले से ही पक्‍के मकान थे। उनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्‍छी थी।

ऐसे हो रही है मॉनीटरिंग

पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत आवेदन का सत्‍यापन सबसे पहले ग्राम सभा के स्‍तर पर होता है। इसके बाद ग्राम प्रधान की ओर से सारी जानकारी ग्राम विकास अधिकारी को भेजी जाती है। इसके बाद यह जानकारी ब्‍लॉक एवं जिला स्‍तर पर जाती है। वहां से इसे मंजूरी के लिए राज्‍य स्‍तर पर फाइलिंग करके भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया से पहले आवेदकों का सर्वे भी किया जाता है। इस सर्वे में ही गड़बड़ी पकड़ी गई है।

मिलती है इतनी राशि

पीएम आवास योजना के अंतर्गत पक्‍का आवास बनाने के लिए 1 लाख 20 हज़ार रुपए की राशि दी जाती है। इसके अलावा तीन महीनों की करीब 18 हजार रुपए की राशि बतौर मनरेगा दिहाड़ी भी प्रदान की जाती है। इसमें शौचालय निर्माण की राशि भी दिए जाने का प्रावधान है। इसमें 12 हज़ार रुपए लाभार्थी को दिए जाते हैं। इस तरह, तीन योजनाओं के माध्‍यम से लाभार्थी को करीब डेढ़ लाख रुपए तक की राशि दी जाती है।

उधार सामान लेकर बनाया मकान, किश्‍त के लिए काट रहा चक्कर

समालखा कस्बे के वार्ड-15 निवासी नवीन ने नगरपालिका अधिकारी के आश्वासन पर दुकानदार से उधार में सामान लाकर मकान बना लिया है। अब किस्त के लिए उसे चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दुकानदारों के पैसे मांगने से वह परेशान है। उसकी डेढ़ लाख रुपये की दो किस्तें बची हैं। उसने पालिका आयुक्त से किस्त के लिए फरियाद की है।

नफे सिंह ने बताया कि उसके बेटे के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.5 लाख का लोन स्वीकृत हुआ है। डीपीसी तक मकान बनाने के उपरांत उसे पहली किस्त गत मार्च में मिली थी। शेष दोनों किस्तें एक साथ मिल जाने के आश्वासन पर उसने उधार लेकर मकान की छत ढाल दी। छत डाले तीन माह होने वाले हैं, लेकिन शेष किस्तें नहीं मिली हैं। दूसरी किस्त के एक लाख छत डालने से पहले और तीसरी के 50 हजार उसके बाद मिलने चाहिए थे। नपा अधिकारी हर बार आश्वासन देकर उसे भेज देते हैं, लेकिन खाता में पैसा नहीं भेज रहे हैं। नपा का शुरू से ही किस्त देने में टालमटोल का रवैया रहा है। उसने मकान की फोटो और आवेदन भी दे दिए हैं। फिर भी अनदेखी की जा रही है। सचिव ने उसे जल्द किस्त दिलाने का भरोसा दिया है।

Posted By: Navodit Saktawat

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