मुंबई/नई दिल्ली। कई सीरियल में काम कर चुकीं अभिनेत्री नूपुर अलंकार भी पीएमसी बैंक के उन खाताधारकों में शामिल है, जिनका पैसा अटक गया है। गुरुवार को मामला सामने आने के बाद खुद नूपुर ने आपबीती सुनाई। बकौल नूपुर, हालत इतनी खराब हो चुकी हैं रोज के खर्चे के लिए पैसे जुटाने पड़ रहे हैं। गहने बेचने पड़े हैं। अब तो अपना घर गिरवी रखने के बारे में सोच रही हूं।

नूपुर ने मीडिया को बताया, "मेरी मां को ऑक्सीजन लगी है और ससुर की जल्द ही सर्जरी होना है। मुझे लोगों के आगे गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। उधार लेना पड़ा रहा है। मेरे बैंक खाते फ्रीज हैं और ATM कार्ड काम नहीं कर रहा।

बता दें, पीएमसी बैंक को कमजोर वित्तीय स्थिति के चले पिछले माह रिजर्व बैंक ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। जमा राशि निकालने की भी 25 हजार रुपए की सीमा तय कर दी गई है। इस बैंक की यह दशा लगभग कंगाल हो चुकी रियल्टी कंपनी एचडीआईएल के कारण हुई है। बैंक द्वारा वितरित कुल 9 हजार करोड़ के कर्ज में से 70 फीसदी राशि इसी कंपनी को दी गई है।

पीएमसी बैंक मामले में रिजर्व बैंक से बात करेंगे : सीतारमण

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गुरुवार को यहां पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मुंबई स्थित भाजपा दफ्तर पर वह महाराष्ट्र चुनाव के संदर्भ में प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंची थीं। आक्रोशित जमाकर्ताओं से सीतारमण ने वादा किया वह पीएमसी बैंक मामले में रिजर्व बैंक के गवर्नर से चर्चा करेंगी। बैंकों के जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए कानून में बदलाव किया जाएगा।

प्रेस कांफ्रेंस में सीतारमण ने कहा कि वित्तीय सेवाएं व आर्थिक मामलों का विभाग के सचिवों की जल्द ही रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के साथ बैठक होगी। इसमें बहुराज्यीय सहकारी बैंकों के कामकाज की खामियों पर विचार होगा और यदि जरूरत पड़ी तो कानून में संशोधन भी किए जाएंगे। बैंकिंग नियामक (रिजर्व बैंक) को शक्तिशाली बनाने के लिए संसद के शीत सत्र में विधेयक लाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि वह पीएमसी बैंक केजमाकर्ताओं की परेशानियों के बारे में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास से चर्चा कर उनकी परेशानियों को बताएंगी। सीतारमन ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक इस मामले को देख रहा है।

आर्थिक सुस्ती दूर करने के क्षेत्रवार समाधान : वित्त मंत्री

प्रेस कांफ्रेंस में सीतारमण ने यह भी कहा कि देश में आर्थिक सुस्ती दूर करने के लिए सरकार क्षेत्रवार खास समाधान दे रही है। हालांकि उन्होंने उस सवाल का जवाब नहीं दिया, जिसमें पूछा गया था कि क्या सरकार मानती है कि देश में आर्थिक धीमापन है। वित्त मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों को मदद की जरूरत है, उन्हें मदद दी जा रही है। ज्ञात हो कि रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक वृद्धि दर छह साल के सबसे कम स्तर 6.1 पर आने काअनुमान जताया है। हाल ही में कई कदम उठाए गए हैं और निर्यात सुधारने, कर्ज आसान करने, अग्रणी बैंकों को पूंजी मुहैया कराने जैसे और कदमों का संकेत देते हुए सीतारमण ने कहा कि हम क्षेत्रवार राहत दे रहे हैं।