PM Fasal Yojana: PMFBY (Pradhan Mantri Fasal bima yojana) यानी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 5 साल पूरे हो गए हैं।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मोदी कैबिनेट के अन्य साथियों ने बधाई दी। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को देखते हुए सरकार ने इस एक बार फिर PMFBY (Pradhan Mantri Fasal bima yojana) की खूबियों को उजागर किया। केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बताया गया कि यह दुनिया की सबसे बड़ी कृषि बीमा योजना है, जिसमें अब तक किसानों को क्लेम के रूप में 90 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। यह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की गई है। वहीं कृषि मंत्रती ने बताया कि एमएसपी, 10 हजार नए एफपीओ, डेढ़ लाख करोड़ रुपए के पैकेज से किसानों की दशा-दिशा बदलने वाली हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि PMFBY (Pradhan Mantri Fasal bima yojana) सफल रही है, जिसमें केंद्र के साथ राज्यों का योगदान है। अब चिंता उत्पादन को लेकर नहीं है, बल्कि इसे प्रबंधित करने को लेकर है। खाद्यान्न के अतिरिक्त दूध, मत्स्य, बागवानी आदि के उत्पादन में भी विश्व में भारत पहले या दूसरे स्थान पर है। आज फसल प्रबंधन को लेकर मंथन हो रहा है। फसलों के विविधीकरण, पानी की बचत,लागत में कमी, महंगी फसलों की ओर किसानों के आकर्षित होने, प्रोसेसिंग, किसानों को उपज का वाजिब दाम दिलाने, उनके द्वारा प्रौद्योगिकी का पूरा उपयोग व वैश्विक मानकों के अनुसार उत्पादन करने ताकि हमारे उत्पादों का निर्यात बढ़ सकें, इन सबको लेकर आज केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक काम कर रही है।

सरकार द्वारा अच्छी नीतियां बनाने, सब्सिडी देने और आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग आदि के बावजूद किसानों को प्राकृतिक स्थितियों पर निर्भर रहना पड़ता है। सब कुछ अच्छा करने के बावजूद यदि प्रकृति की नाराजगी है तो उसका नुकसान किसानों को होता है, जिससे किसानों को बचाने के उद्देश्य से फसल बीमा योजना की कल्पना की गई व पीएमएफबीवाई के नाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 13 जनवरी 2016 को मंजूरी देकर अप्रैल 2016 से इसे लागू कर दिया गया था।

पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को भी पीएमएफबीवाय से अधिकाधिक जोड़ने के लिए वहां की राज्य सरकारों के अंशदान को 90:10 कर दिया गया है, जो पहले 50:50 था। स्वैच्छिक बनाने व प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने के साथ आज यह योजना किसानों के लिए प्रतिकूल प्राकृतिक परिस्थितियों में एक बड़ा सुरक्षा कवच है, जिसका लाभ देशभर में किसानों को मिल रहा है।

क्रॉप इन्श्योरेन्स ऐप के माध्यम से भीकिसान अब अपने आवेदन की स्थिति और कवरेज के विवरण को घर बैठे जान सकते हैं और फसल नुकसान की सूचना भी दे सकते है।फसल कटाई प्रयोगों में व्यापक सुधार हेतु स्मार्ट सैंपलिंग, रिमोट सेंसिंग तकनीक, सेटेलाइट,ड्रोन का उपयोग भीकिया जा रहा है। इससे दावों की राशि का आंकलन तत्काल ईमानदारी व पारदर्शिता से किया जाता है, जिससे किसानों के बीमा दावों का निपटान तेज़ गति से हो सके और उन्हें भुगतान मिलने में देरी नहीं हो।

प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस योजना के सभी लाभार्थियों को बधाई दी है। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा, प्राकृतिक आपदाओं से परिश्रमी किसानों को सुरक्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आज 5 वर्ष पूरे हो गए। इस योजना ने कवरेज बढ़ाया है, जोखिम कम किया है और करोड़ों किसानों को लाभान्वित किया है। मैं योजना के सभी लाभार्थियों को बधाई देता हूं।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Republic Day
Republic Day