मदन मोहन सिंह, प्रयागराज। अहा कुंभ, वाह कुंभ और अब ओह कुंभ। पचास दिनों तक पूरी दुनिया को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा कराने वाला सर्वसिद्धिप्रदः कुंभ अदृश्य होने की यात्रा पर है। त्रिवेणी में सरस्वती की तरह। जिन 25 करोड़ लोगों ने इस कुंभ का वैभव देखा है, उनके लिए यह विश्वास करना कठिन है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों और राज्यपाल की मौजूदगी में सर्वसिद्धिप्रदः कुंभः के समापन की अधिकृत घोषणा की।

त्रिवेणी मार्ग, अरैल, नया यमुना पुल, फाफामऊ और झूंसी, जहां से कुंभ को निहारा गया अप्रतिम लगा। सांझ ढलने के साथ जैसे ही 48 हजार एलईडी बल्ब एक साथ जगमगाते दीपावली जैसी रोशनी भी लजा जाती। लोग बरबस कह उठते थे-तारे जमीं पर। दुर्ग सदृश तने हुए मठ अपनी वास्तुशिल्प से लोगों को कायल कर रहे थे।

उदाहरण के रूप में जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शिविर को लिया जा सकता है। साधु-संतों और उनके दर्शनाभिलाषी श्रद्धालुओं का समागम ऐसा कि कलिकाल का समापन नजर आए। स्नानपर्वों पर भीड़ इतनी कि दो-चार देश समाते नजर आएं। लेकिन अब...नाग वासुकी की ओर गंगा मइया का पानी कुछ ज्यादा मटमैला नजर आने लगा है।

चारों तरफ उजड़ते तंबू-कनात, बिजली के खंभों से उतरते तार, गिरे-लुढ़के शौचालय और कपड़े बदलने के लिए बनाए गए चेंजिंग रूम दूर से बिखरे डिब्बों की तरह नजर आते हैं। कुल मिलाकर उड़ती रेत के बीच बढ़ती वीरानी। सेक्टर सात में बजरंगदास मार्ग पर भगवान शंकर की एक विशाल प्रतिमा लगी हुई है। चकर्डप्लेट और बिजली के खंभों के अलावा दूर-दूर तक कुछ नजर नहीं आ रहा है।

शिवजी कहां जाएंगे, इनकी देखरेख किसके जिम्मे है, यह बताने वाला कोई नहीं है। यहीं पर पोल से क्लोज सर्किट टीवी के कैमरे उतारते मुुंबई के कंपनी के कर्मचारी बताते हैं चोरी होने लगी है, लोग केबिल काट ले जाने लगे हैं। सेक्टर-4 पहुंच कर निराशा कुछ कम हो जाती है। कारण यह कि यह अभी कुछ आबाद है। संगम पर पहुंचने के साथ स्नान करने वालों की भीड़ और नावों को देखकर एक आस बंधती है-कुंभ भले अमूर्त हो जाए, संगम तेरा वैभव बारहों मास दमकता रहेगा। अक्षयवट सर्वदा अक्षय और सरस्वती कूप सजल रहेगा, फिर संगम का स्वागत करने के लिए।

- यह भी आए कुंभ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

- दो बार, मॉरीशस के प्रधानमंत्री, 71 देशों के राजनयिक, 3200 प्रवासी भारतीय, उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट।

- ये बने विश्व रिकार्ड -500 शटल बसों का एक रूट पर एक साथ संचालन कर गिनीज बुक में रिकॉर्ड।

-7000 से ज्यादा लोगों द्वारा एक साथ हैंड पेंटिंग कर गिनीज में रिकॉर्ड।

-दस हजार सफाईकर्मियों द्वारा तीन सड़कों पर सफाई करने का गिनीज बुक में रिकार्ड।

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