प्रयागराज। कुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर किन्नर अखाड़े को अमरत्व स्नान करने की अनुमति नहीं मिली। इससे अखाड़े के संन्यासियों ने स्नान नहीं किया। वाहनों को संगम तक ले जाने पर अड़े अखाड़े के संन्यासियों की पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी।

महाशिवरात्रि पर सोमवार को किन्नर अखाड़ा को अमरत्व स्नान करना था। अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी दोपहर में सहयोगियों संग वाहनों के काफिले के साथ संगम नोज के लिए रवाना हुए। वह संगम लोवर मार्ग से त्रिवेणी मार्ग पहुंचकर संगम जाने के लिए पांटून पुल पार करना चाहते थे लेकिन वहां पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया। इसी बात को लेकर वाद विवाद बढ़ गया।

सूचना पर कुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद व डीआइजी केपी सिंह भी पहुंच गए। अनुमति न होने के कारण किन्नर अखाड़े के संन्यासियों को संगम की तरफ नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने काफिले के कई वाहनों की चाबी निकाल ली। पुलिस का कहना था कि जब संगम नोज की तरफ जाने के लिए अनुमति नहीं है तो उस ओर नहीं जाने दिया जाएगा।

पुलिस की सख्ती के बाद अखाड़े के संन्यासी बिना स्नान के वापस लौट गए। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने पुलिस अफसरों की मौजूदगी में अखाड़े के सदस्यों व शिष्यों से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि यह शर्मनाक है। सिर्फ वीआइपी लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस व मेला प्रशासन किन्नर अखाड़े को संगम स्नान जाने से रोक रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एडीजी से बात हुई है, उन्होंने 24 घंटे का समय दिया है।

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