कुंभनगर। वासंतिक हिलोर के बीच कुंभ में रविवार को विविध अनुष्ठान होंगे। बटुकों के लिए यज्ञोपवीत संस्कार किए जाएंगे। मान्यता है कि वसंत पंचमी की पुण्य बेला में संगम तट पर मां सरस्वती का पूजन करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। ज्योतिर्विंद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार, नौ फरवरी की सुबह 8ः55 बजे पंचमी तिथि लग चुकी है। यह 10 फरवरी की सुबह 9ः59 बजे तक रहेगी।

उदया तिथि की वजह से रविवार को दिनभर पंचमी का प्रभाव रहेगा। इस बार पंचमी पर रेवती नक्षत्र, साध्य योग का विशेष संयोग बन रहा है। मीन राशि में चंद्रमा, मकर राशि में सूर्य के अलावा धनु राशि में शुक्र व शनि का संचरण होगा। पावन अवसर पर सच्चे हृदय से गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती की मिलन स्थली संगम में डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

मां सरस्वती का पूजन करने से जीवन में सदैव उनकी कृपा बनी रहेगी। वसंत पंचमी पर अखाड़ों में मां सरस्वती का पूजन एवं यज्ञोपवीत संस्कार कराया जाएगा। जूना अखाड़ा के शिविर में शाही स्नान के बाद मां सरस्वती की पूजा होगी। निरंजनी, निर्वाणी, अनी, बड़ा उदासीन, नया उदासीन, निर्मल अखाड़ा के शिविर में भी मां सरस्वती का पूजन करने के साथ यज्ञोपवीत संस्कार कराया जाएगा। दंडी संन्यासीनगर स्थित स्वामी ब्रह्मााश्रम के शिविर में भी बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार होगा।

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