Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जम्मू-कश्मीर के द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर पहुंचना था और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लेना था, लेकिन खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति का यह कार्यक्रम रद्द हो गया है। द्रास पहुंचने के लिए राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर्स ने सही समय पर उड़ान भर ली थी, लेकिन जोजिला पहाड़ी पार नहीं कर सके। अब प्लान बी पर काम किया जा रहा है, जिसके तरह राष्ट्रपति बारामूला जाएंगे और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर यहां पहुंचे हैं। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल विपिन रावत भी है।

बता दें कि कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) का आयोजन हर साल 26 जुलाई को किया जाता है। ये वही दिन है, जब भारतीय सेना ने कारगिल में अपनी सभी चौकियों को वापस पा लिया था, जिनपर पाकिस्तान की सेना ने कब्जा किया था। ये लड़ाई जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले में साल 1999 में मई से जुलाई के बीच हुई थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अपने चार दिवसीय दौरे के क्रम में रविवार को यहां पहुंचे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के लिए सुरक्षा इंतजामों के तहत राजभवन (जहां राष्ट्रपति ठहरेंगे) जाने वाले दो मार्गों पर यातायात को दूसरे मार्गों पर मोड़ दिया गया है। 25 जुलाई से 28 जुलाई तक के अपने इस दौरे में राष्ट्रपति कोविद मंगलवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगे।

उधर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने रविवार को कारगिल जिले के द्रास सेक्टर में नियंत्रण रेखा के लंबे इलाकों का दौरा किया और मौजूदा सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। CDS बिपिन रावत ने यह दौरा कारगिल विजय दिवस से एक दिन पहले किया है। इस दौरान सीडीएस ने सैनिकों से भी बातचीत की और उनके मनोबल की सराहना की। शाम के वक्त उन्होंने पोलो ग्राउंड में उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपने प्राण गंवाये थे।

Posted By: Shailendra Kumar