जम्मू। श्रीनगर में लंबे समय बाद सोमवार को प्राइमरी स्कूलों में फिर से बच्चों की किलकारी सुनाई दी है। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पहले से लागू प्रतिबंधों के बाद आज घाटी में प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से 190 स्कूल खोले हैं और इन स्कूलों में बच्चे नजर आए हैं। वहीं सरकारी दफ्तर पूरी तरह से काम करते नजर आएंगे।

प्रिंसिपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने रविवार को मीडिया को जानकारी दी कि सोमवार से प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से 190 प्राइमरी स्कूल खोलने की तैयारी की है। रविवार को शहर के 50 पुलिस थाना इलाकों में लोगों को राहत दी गई और इस दौरान पूरी तरह से शांत बनी रही।

वहीं जम्मू के पांच जिलों में रविवार सुबह मोबाइल इंटरनेट सेवा दोबारा बंद कर दी गई। शुक्रवार देर रात हालात सामान्य होने के बाद राज्य प्रशासन ने जम्मू, रियासी, सांबा, कठुआ और ऊधमपुर जिले में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की थी। 24 घंटे के भीतर इंटरनेट सेवा बंद होने से जम्मू में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया।

हालांकि, देर शाम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जम्मू संभाग में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और न प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। लोग अफवाहों पर विश्वास नहीं करें। तकनीकी कारणों से मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद किया गया है। रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर जम्मू के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने कहा कि पांच अगस्त से पहले 4जी सेवा चल रही थी। मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने के बाद शुक्रवार देर रात 2जी सेवा शुरू की गई। इससे ट्रैफिक ओवरलोड होने से सेवा बंद हो गई।

मोबाइल कंपनियों को 2जी सेवा बंद करने का आदेश जारी होने के सवाल पर वर्मा ने कहा कि प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया। इसके विपरीत जम्मू की उपायुक्त सुषमा चौहान ने प्रशासन के फेसबुक पेज पर जो बयान जारी किया, उसमें कहा कि अफवाहों पर अंकुश लगाने और शरारती तत्व किसी तरह की दहशत न फैलाए, इसलिए मोबाइल इंटरनेट को बंद किया है। वहीं, बाद में उन्होंने इंटरनेट बंद करने का कारण तकनीकी बताया।

दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि जम्मू से राजौरी-पुंछ तक हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। सभी जिलों से प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। लैंडलाइन फोन सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं। ब्रॉडबैंड पहले दिन से जारी है। मोबाइल इंटरनेट सेवा फिर बहाल करने के सवाल पर वर्मा ने कहा कि इसमें दो-तीन दिन तो लगेंगे। दो-तीन दिन बाद वे दोबारा समीक्षा करेंगे।

कश्मीर में कई क्षेत्रों में ढील

प्रशासनिक पाबंदियों में राहत का असर रविवार को भी कश्मीर के विभिन्न इलाकों में सुबह से ही नजर आया। सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही के साथ दुकानें भी खुली रहीं। रविवार को 50 और थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधों में राहत दी गई। प्रशासन ने सोमवार से पहले चरण में जिला श्रीनगर में 194 प्राथमिक स्कूलों को खोलने की तैयारी कर ली है। वहीं, कुछ जगहों पर हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़ पूरे कश्मीर में स्थिति शांतिपूर्ण रही।

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। शनिवार देर रात श्रीनगर के डाउन-टाउन में हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति की कथित तौर पर आंसूगैस के गोले से निकली गैस से मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है। ऊधर, बारामुला, बडगाम और श्रीनगर में डाउन-टाउन के विभिन्न हिस्सों में पथराव कर रहे शरारती तत्वों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों को भी बल प्रयोग करना पड़ा। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल के मुताबिक चार से पांच जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई हैं। इनमें दो लोगों को मामूली चोटें पहुंची हैं।