नई दिल्ली। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत में लॉन्ग टर्म निवेश का काफी लोकप्रिय साधन है। इसके कई सारी वजह है। इनमें उच्च रिटर्न, कर लाभ, ब्याज और मूलधन की संप्रभु गारंटी भी शामिल हैं। इस योजना में निवेश करके निवेशक एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करने के साथ बच्चों की शिक्षा और उनकी शादी सहित कई सारे बड़े खर्चों के लिए भी धन जमा कर सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि इस योजना में ब्याज आय, सालाना निवेश और मैच्योरिटी राशि तीनों में ही ब्याज में छूट मिलती है।

केंद्र सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दर में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया है। यानी पीपीएफ में जुलाई से सितंबर के दौरान भी 7.10 फीसद की दर से ब्याज मिलगा रहेगा। पीपीएफ में ब्याज की गणना हर महीने की जाती है, लेकिन वित्त वर्ष के आखिर में ही इसे क्रेडिट किया जाता है। पीपीएफ के कई निवेशक एक छोटी सी जानकारी के अभाव में अधिक ब्याज लेने से चूक जाते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।

पीपीएफ स्कीम का प्रमुख नियम है कि इसमें ब्याज की गणना महीने की पांच तारीख से महीने के आखिर तक पीपीएफ अकाउंट में जमा न्यूनतम राशि पर की जाती है। यदि पांच तारीख से पहले ही पीपीएफ अकाउंट में पैसे डाल दिये जाएं, तो ब्याज की गणना की अवधि के दौरान न्यूनतम बैलेंस ज्यादा रहता है। यदि आप सालाना आधार पर पीपीएफ में निवेश कर रहे हैं, तो भी आपको अपने पीपीएफ खाते में राशि पांच अप्रैल से पहले डालनी चाहिए। ऐसी स्थिति में आपको योजना में ज्यादा ब्याज मिल सकेगा।

मान लीजिए कि कोई व्यक्ति अप्रैल से मार्च तक पूरे साल हर महीने की पांच तारीख के बाद 12,500 रुपये पीपीएफ स्कीम में जमा कराता है। ऐसे में उस निवेशक को 7.10 फीसद ब्याज दर के हिसाब से अप्रैल माह का ब्याज जीरो रुपये मिलेगा, क्योंकि महीने की पांच तारीख को पीपीएफ अकाउंट का बैलेंस जीरो रुपये होगा, जो कि न्यूनतम है और इस अवधि में उससे प्राप्त ब्याज भी जीरो रुपये ही होगा। इसके बाद मई में भी निवेशक को सिर्फ 12,500 रुपये पर ही ब्याज मिलेगा, क्योंकि पांच तारीख के बाद पैसा जमा कराने की स्थिति में मई में भी अकाउंट का न्यूनतम बैलेंस सिर्फ 12,500 रुपये ही होगा, जिस पर ब्याज की गणना होनी है। इस तरह निवेशक को साल के अंत में कुल 4,881.25 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे और साल के अंत में उसका अकाउंट का बैलेंस रहेगा 1,54,881.25 रुपये।

यदि कोई निवेशक अप्रैल से लेकर मार्च महीने तक साल भर हर महीने की पांच तारीख से पहले 12,500 रुपये खाते में जमा कराता है, तो उस निवेशक को अप्रैल महीने का भी ब्याज प्राप्त होगा और मई में उसे 25,000 रुपये पर ब्याज मिलेगा। उस निवेशक को साल के अंत में 5,769 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे। साथ ही अकाउंट का कुल बैलेंस भी साल के आखिर में 1,55,769 रुपये रहेगा।

यदि कोई निवेशक हर महीने पैसा जमा कराने की बजाए एकमुश्त 1,50,000 रुपये पीपीएफ अकाउंट में अप्रैल महीने में पांच तारीख से पहले जमा करावा देता है, तो उसको अधिकतम ब्याज मिलेगा। ऐसे निवेशक को अप्रैल से मार्च तक हर माह डेढ़ लाख रुपये पर 888 रुपये ब्याज मिलेगा। इस निवेशक को साल के अंत में कुल 10,650 रुपये ब्याज के रूप मेंप्राप्त होंगे, जिससे साल के अंत में कुल जमा राशि 16,0650 रुपये हो जाएगी।

महीने की पांच तारीख से पहले या बाद में या साल भर की एकमुश्त रकम जमा कराने पर ब्याज में यह अंतर एक साल का है, लेकिन यह अंतर लंबे समय में काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।

Posted By: Yogendra Sharma

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