Punjab Police on Amritpal Case: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही है लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली है। जालंधर के डीआईजी स्वप्न शर्मा ने रविवार को बताया कि अमृतपाल ने धड़-पकड़ के दौरान कई बार अपने रास्ते बदले। इस दौरान वह 12-13 किलोमीटर लंबे वन-लेन लिंक रोड से होते हुए फरार हो गया। अमृतपाल की कार ने रास्ते में 6-7 मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी, ऐसा उसके भागने में मदद के मकसद से किया गया होगा। उन्होंने बताया कि कार में अमृतपाल समेत चार लोग बैठे हुए थे, जो अभी तक फरार हैं। रविवार को अमृतपाल सिंह के 7 समर्थकों की कोर्ट में पेशी हुई। इन सभी को 4 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

बाईक-सवारों को मारी टक्कर

डीआईजी शर्मा ने बताया कि अमृतपाल सिंह को सबसे पहले शाहकोट इलाके में देखा गया था। जब उसके काफिले को यहां पर रोका गया, तो उन लोगों ने यू-टर्न लिया और वन-लेन लिंक रोड की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के नीचे चले गए। एक सिंगल लेन में फंस जाने पर अमृतपाल की गाड़ी ने 5-6 बाईक सवारों को टक्कर मार दी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को आशंका है कि ये उसके समर्थकों की चाल भी हो सकती है। पंजाब अमृतपाल सिंह की गाड़ी महतपुर के एक गांव से बरामद की है। पंजाब पुलिस ने जब अमृतपाल का पीछा किया तो अमृतपाल अपनी गाड़ी और असलहे छोड़कर एक मोटरसाइकिल में बैठकर भाग गया।

सभी बॉर्डर सील

खालिस्तानी समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का चीफ अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पंजाब के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं और कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अमृतपाल सिंह फिल्मी अंदाज में लगातार अपनी लोकेशन और गाड़ियां बदल रहा है। पंजाब पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी और उसके पिता से कहा कि बेटे से सरेंडर करने को कहें।