नई दिल्ली। पुणे के रहने वाले अद्वैत भरतिया ने अपनी उम्र से बड़े काम को अंजाम दिया है। उसने विश्व की सबसे ऊंची सीधी चोटी किलिमंजारो पर्वत को फतह किया है। तंजानिया में स्थित किलिमंजारो पर्वत समुद्र तल से 19,341 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसको अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत होने का खिताब भी हासिल है।

अद्वैत ने 31 जुलाई को अभियान दल के प्रमुख समीर पथम की देखरेख में सिंबुमम टोटो (लिटिल सिंबा) के नाम से प्रसिद्ध इस पर्वत की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की। चढ़ाई को पूरा करने के लिए पुणे के इस नौ वर्षीय बच्चे ने पर्वत के दक्षिणी आधार से शुरू होने वाले मचामे मार्ग का प्रयोग किया। 2016 में महज छह साल की उम्र में एवरेस्ट बेस कैंप फतह करने वाले इस बच्चे ने सात दिनों में यह चढ़ाई पूरी की।

अद्वैत ने बताया कि यह चढ़ाई काफी मुश्किल थी, लेकिन उतनी ही मजेदार और रोचक भी थी। जब मैंने एवरेस्ट बेस कैंप की चढ़ाई की थी तो हम लोग लकड़ी के घरों में ठहरे थे। हालांकि किलिमंजारो पर चढ़ाई के दौरान हम टेंट में रहे। मेरे लिए बर्फ और प्रकृति के बीच रहना एक अलग तरीके का अनुभव था।'

अगले साल उसका लक्ष्य यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रेस को फतह करने का है। अद्वैत ने कहा, 'मैं चढ़ाई तेजी से पूरी कर सकता था, लेकिन पहाड़ों की खूबसूरती निहारने के लिए मैंने कई ब्रेक लिए।' अद्वैत को चढ़ाई के दौरान वायुमंडलीय ऑक्सीजन में लगभग 50 फीसद कमी, माइनस 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ा।

अद्वैत की मां पायल भरतिया के बताया कि अद्वैत ने चढ़ाई के लिए दो महीने का कड़ा अभ्यास किया। उसकी दिनचर्या में एक घंटे की तैराकी के साथ ही, फुटबाल, क्रिकेट और टेनिस खेलने, 100 मंजिलों के बराबर चढ़ाई करना और सैन्य बाधा प्रशिक्षण का अभ्यास शामिल है।