नईदुनिया मल्टीमीडिया डेस्क. हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के खिलाफ देश में गुस्सा अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि मध्यप्रदेश के महू में 5 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आ गया। रविवार रात माता-पिता के साथ सो रही बालिका की लाश खंडहर में मिली। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। हाल के दिनों में कोर्ट ने ऐसे मामलों में सख्त फैसले दिए हैं। इसी साल अक्टूबर में प्रदेश की अदालतों ने दो बड़े फैसले सुनाए। इंदौर की विशेष कोर्ट ने बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई। वहीं विदिशा की अदालत ने भी 7 साल की बच्ची के दुष्कर्मी को मौत की सजा सुनाई, ताकि अपराधियों को सख्त संदेश मिले। अदालतें इन मामलों को बहुत तेजी से निपटाकर न्याय दे रही हैं, लेकिन फिर भी प्रदेश में दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। न अपराधी कानून का खौफ खा रहे हैं, न पुलिस-प्रशासन धमक पैदा कर पा रहा है। पढ़िए नईदुनिया की यह स्पेशल रिपोर्ट -

उम्मीद जागी, लेकिन तस्वीर खौफनाक

दुष्कर्म पीड़िता के छलनी मन को कोई मरहम ठीक नहीं कर सकता, लेकिन दोषी को जल्द से जल्द सजा देकर कुछ तसल्ली तो दी जा सकती है। इस मामले में मध्यप्रदेश में आए हाल के कुछ फैसले देश के सामने उदाहरण बने हैं।

9 मई 2019 को इंदौर में 4 साल की मासूम के साथ गलत हरकत करने वाले नाबालिग आरोपी को सेशन कोर्ट ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को 21 साल की उम्र होने तक किशोर न्यायालय में रखा जाए।

12 नवंबर 2019 को इंदौर में मुंहबोली बहन का अपहरण करने वाले आरोपी को कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई। इससे पहले 27 जुलाई 2018 को भी त्वरित न्याय का यह सिलसिला जारी रहा जब दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या के दो मामलों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई।

इस के समें 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपित को 9 घंटे में गिरफ्तार कर 72 घंटे में चालान पेश किया गया और घटना के 46वें दिन रहली कोर्ट (सागर) ने फांसी की सजा सुना दी। इसी तरह, खुरई में दुष्कर्म और हत्या को विरल से विरलतम अपराध मानते हुए अदालत ने दोषी को फांसी दी सजा सुनाई। अब मंदसौर रेप कांड में भी इसी गति से न्याय की उम्मीद है, क्योंकि पुलिस ने घटना के 14 दिन के अंदर ही फास्ट ट्रेक कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।

ये फैसले बने नजीर

केस-1 ग्वालियर: ग्वालियर में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में 37 दिन में फैसला आया। 20 जून को आयोजित एक शादी समारोह में दोषी जितेन्द्र बिन बुलाए पहुंचा था। पानी के स्टाल के पास से चॉकलेट देने के बहाने वह 6 साल की मासूम को अपने साथ ले गया और जंगल में दुष्कर्म किया। अपराध छिपाने के लिए मासूम की भीभत्स तरीके से हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया।

केस-2 कटनी: कटनी में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में महज 5 दिन में सजा सुनाई गई। मप्र सरकार के विशेष अधिनियम 2018 के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में महज पांच दिन में सुनवाई पूरी करते हुए फांसी की सजा देने का देश में संभवत: यह पहला मामला है। बच्‍ची के परिजन ने 6 जुलाई को शिकायत की थी कि 4 जुलाई को स्कूल ले जाते समय ऑटो चालक राजकुमार कोल (34) ने सूने इलाके में दुष्कर्म किया।

केस-3 सागर: 21 मई 2018 को सागर के रहली में 9 साल की बच्ची के साथ दुराचार किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 40 वर्षीय आरोपित भग्गी उर्फ भगीरथ पटेल को गिरफ्तार किया और पॉक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता के आधार पर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में रखा गया। पुलिस ने 24 मई 2018 को चालान पेश किया। कोर्ट से ट्रायल के 46वें दिन पटेल को फांसी की सजा सुना दी।

केस-4 खुरई: 13 अप्रैल 2017 को 9 साल की नाबालिग अपने खेत पर गई थी। शाम तक नहीं लौटी, तो परिजन खोजने निकले। शक होने पर खेत के पास बने सुनील आदिवासी (21 वर्ष) के टपरे पर देखा, तो नाबालिग की लाश प्लास्टिक की बोरी में बंद मिली। आरोपित ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना के चंद घंटे बाद सुनील को गिरफ्तार कर लिया था। जांच शुरू हुई और कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान जज ने सुनील को फांसी की सजा सुनाई।

प्रदेश में दुष्कर्म के हालिया मामले

पिछले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश में दुष्कर्म के कई खबरें www.naidunia.com ने प्रकाशित की हैं जिन्होंने राज्य ही नहीं, बल्कि देश को हिलाकर रख दिया। इनमें मंदसौर और सतना के दुष्कर्म कांड शामिल हैं।

तारीख

जगह

वारदात

13 July 2018

पन्ना

छह साल की मासूम से दुष्कर्म का प्रयास, आरोपित गिरफ्तार

13 July 2018

टीमकगढ़

नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, पत्थर से कुचला चेहरा, मरा समझकर भागे आरोपित

13 July 2018

ग्वालियर

दोस्त ने दुष्कर्म कर किया शादी का वादा, बाद में मुकर गया

12 July 2018

जबलपुर

नशीला पदार्थ खिलाकर किया दुष्कर्म और अपहरण कर की शादी

12 July 2018

कटनी

किशोरी को 25 हजार में बेचा, खरीदार और उसके दोस्त ने किया दुष्कर्म

12 July 2018

इंदौर

बैंक अफसर से दोस्ती गांठी, झांसा देकर किया दुष्कर्म, डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार

12 July 2018

शिवपुरी

पड़ोसी ने किया महिला से दुष्कर्म, दी जान से मारने की धमकी

11 July 2018

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा में नाबालिग से पांच लोगों ने किया दुष्‍कर्म, आरोपित गिरफ्तार

11 July 2018

भोपाल

राजधानी में फिर सामूहिक दुष्कर्म, नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कृत

11 July 2018

ग्वालियर

12 साल की बच्ची के साथ तीन युवकों ने किया दुष्कर्म

11 July 2018

गैरतगंज

नाबालिग के साथ खेत में सामूहिक दुष्कर्म, एक नाबालिग सहित दो आरोपित गिरफ्तार

08 July 2018

इंंदौर

एयर होस्टेस की ट्रेनिंग ले रही छात्रा से दुष्कर्म, आरोपित गिरफ्तार

08 July 2018

रायसेन

कन्या पूजन के नाम पर मासूम से दुष्कर्म, छात्रा से भी सामूहिक दुष्कृत्य

06 July 2018

डबरा

दस वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म, आरोपित युवक के खिलाफ मामला दर्ज

04 July 2018

सागर

आदिवासी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, महिला सहित 5 आरोपी हिरासत में

04 July 2018

देवास

युवती को पेड़ से बांधकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात

04 July 2018

सुसनेर

सुसनेर क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपित गिरफ्तार

03 July 2018

उज्जैन

पति की दुकान के लिए झाड़ फूंक कराने गई, तांत्रिक ने की ज्यादती

03 July 2018

ग्वालियर

शिक्षिका ने लगाया स्कूल संचालक पर दुष्कर्म का आरोप

03 July 2018

सतना

सतना जिले में 4 साल की मासूम से दुष्कर्म, मरा समझकर खेत में छोड़ा, आरोपी गिरफ्तार

02 July 2018

ग्वालियर

मदद करने के बहाने दोस्ती की फिर शादी का वादा कर किया दुष्कर्म

02 July 2018

धार

रिश्‍ते हुए शर्मसार, धार जिले में मामा ने किया भांजी के साथ दुष्‍कर्म

02 July 2018

भोपाल

रांग नंबर लगने से दोस्ती के बाद नाबालिग ने किया दुष्कर्म, ब्लैकमेल कर दो लाख हड़पे

कोर्ट ने कहा था - प्रदेश में हालात खतरनाक

मध्यप्रदेश में हो रहीं दुष्कर्म की वारदात को लेकर बीती 12 जुलाई को इंदौर हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। दिसंबर 2017 में मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में हुए सामूहिक दुष्कर्म के एक आरोपित की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि “प्रदेश में हालात खतरनाक हैं। लगता है अपराधियों को कानून का कोई डर ही नहीं है।”

जस्टिस रोहित आर्य ने कहा कि समाचार पत्रों में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों से मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में दुष्कर्म की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। महिलाएं और खासकर स्कूल जाने वाली बच्चियां भयभीत हैं। जिन एजेंसियों पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे अपना दायित्व नहीं निभा पा रहीं। प्रदेश में लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराना पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है। कोर्ट की यह टिप्पणी प्रदेश में प्रदेश सरकार के लिए बड़ी चेतावनी है।

विपक्ष ने मध्यप्रदेश को बताया 'दुष्कर्म प्रदेश'

प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने दुष्कर्ष के लगातार सामने आते मामलों में सियासी हथियार बना लिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने बीते दिनों कहा है, 'मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में मध्यप्रदेश दुष्कर्म प्रदेश बन चुका है।'

इसके जवाब में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, 'कमलनाथ ने मध्यप्रदेश को दुष्कर्म प्रदेश बताकर प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का अपमान किया है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए, उन्हें तत्काल पद से हटा देना चाहिए। झा ने कहा कि ज्यादती की घटनाएं होना बेहद दुखद है। प्रदेश सरकार ने ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधना भी किया है।'

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे देश में दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश में सामने आए हैं। 10 साल से मध्यप्रदेश अपनी सीमा से लगते अन्य राज्यों की तुलना में दुष्कर्म के मामले में सबसे ऊपर है। (नीचे चार्ट देखें)

महिलाओं के खिलाफ इस क्राइम रेट में छत्तीसगढ़ भी पीछे नहीं

भरोसे का ना उठा पाएं फायदा

महिला सशक्तिकरण ग्रुप ज्वाला की डॉ. दिव्या गुप्ता के अनुसार, 'मध्यप्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं। इसका मतलब लोगों में इन घटनाओं को दबाने की प्रवृत्ति कम हुई है और वो आरोपियों को सजा दिलाने के लिए आगे आने लगे हैं। अन्य राज्यों में भी इस तरह की घटनाएं होती हैं जिन्हें दबा दिया जाता है जिसके चलते वहां मामले कम दर्ज होते हैं।'

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परिचितों द्वारा सबसे ज्यादा दुष्कर्म किए जाने पर डॉ. दिव्या कहा, 'हम इसके लिए महिलाओं और युवतियों को इस बात के लिए जागरूक करते हैं कि वो रिश्तेदारों और परिचितों को समझे। कई बार भरोसे का फायदा उठाकर गलत हरकत करते हैं। बेटियां अपनी मां को बताती हैं कि उनका रिश्तेदार उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश कर रहा है लेकिन उसे नजरअंदाज किया जाता है। ऐसे में मांओं और बेटियों को सतर्क होना होगा और किसी भी ऐसी बात पर आवाज उठानी होगी।'

प्रदेश सरकार के कानून को लेकर डॉ. गुप्ता का कहना है कि इससे लोगों में डर आएगा और एक दो घटनाओं में कड़ी सजा होने के बाद लोग इस तरह के अपराध करने से डरने लगेंगे।

देश के नक्शे पर सेवन सिस्टर्स बेहाल

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Posted By: Arvind Dubey