नई दिल्ली। कश्मीर के हालात पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक और बयान दिया। राहुल ने दो ट्वीट किए और आरोप लगाया लिखा- 'केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रवादी नेताओं को हटान की कोशिश कर रही है। फारुख अब्दुल्ला जैसे नेताओं को हटाया जा रहा है, ताकि प्रदेश में पॉलिटिकल वैक्यूम बनेगा, जिसे आतंकी भरेंगे।'

राहुल ने मांग की कि सरकार राष्ट्रवादी नेताओं को तत्काल रिहा करे और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के लिए जगह बनने से रोके। बता दें, आर्टिकल 370 हटाने के बाद पूरी दुनिया की नजर जम्मू-कश्मीर पर टिकी है। सरकार का दावा है कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद वहां एक गोली नहीं चली है।

राहुल ने इसलिए किया फारुख अब्दुल्ला का जिक्र

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला 5 अगस्त को हुई था। उसके बाद फारुख अब्दुल्ला समेत तमाम बड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। अब बीते सोमवार को फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। बता दें, इस एक्ट के तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना सुनवाई 2 साल तक गिरफ्तार कर रख सकती है।

राहुल बनाम कश्मीर मुद्दा

24 अगस्त 2019: श्रीनगर एयरपोर्ट से लौटाए गए। घाटी के हालात जानने के लिए राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेताओं का एक समूह इस दिन श्रीनगर पहुंचा था। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने कानून और व्यवस्था का हवाला देकर इन नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस दिल्ली लौटा दिया था।

28 अगस्त 2019: श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद राहुल ने ट्वीट किया और लिखा - 'कश्मीर के लोगों की आजादी और उनकी नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश के 20 दिन हो चुके हैं। विपक्षी नेताओं और मीडिया को ड्रैकोनियन प्रशासन का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही क्रूर ताकतें लोगों पर हमले कर रही है।' राहुल के इश बयान का पाकिस्तान ने फायदा उठाया और संयुक्त राष्ट्र को लिखी चिट्ठी में जिक्र किया। बवाल मचा तो राहुल ने यूटर्न लिया और कश्मीर में हिंसा के लिए पाक को जिम्मेदार ठहरा दिया था।