बरेली. दीपेंद्र प्रताप सिंह। यात्रियों की समस्याओं को हल करने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए रेलवे ने कई हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए हैं। ऐसे महत्वपूर्ण नंबरों की संख्या 36 है। कई बार यात्री इनके जाल में ही उलझकर रह जाता है और उसकी परेशानी हल नहीं हो पाती। अब रेलवे हेल्पलाइन नंबरों की उधेड़बुन से निजात दिलाते हुए असली 'रेल मदद' मुहैया कराएगा। 'रेल मदद' एक तरह की वेबसाइट होगी। इसका मोबाइल ऐप भी जल्द लॉन्च किया जाएगा। फिलहाल 'रेल मदद' का ट्रायल चल रहा है। इसके शुरू होते ही 139 (इन्क्वॉयरी) को छोड़ कर रेलवे के बाकी हेल्पलाइन नंबर बंद हो जाएंगे। जानिए इसी से जुड़ी अहम बातें -

उत्तर रेलवे में मुराबादबाद मंडल के एडीआरएम अश्विनी कुमार उपाध्याय के मुताबिक, रेल मदद ऐप का ट्रायल के तौर पर 13 जुलाई को बीटा वर्जन लॉन्च हुआ है। प्ले स्टोर से इसका ऐप डाउनलोड किया जा सकता है। 'रेल मदद' ऐप में हर तरह की शिकायत के लिए अलग-अलग आइकन दिए गए हैं। मसलन, ट्रेन के अंदर किसी शिकायत पर ट्रेन कंप्लेंट। स्टेशन पर किसी परेशानी पर स्टेशन कंप्लेंट ऑप्शन अलग-अलग हैं।

बीटा वर्जन सफल होते ही ऐप को व्यापक स्तर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। शासन के जनसुनवाई पोर्टल की तरह ही 'रेल मदद' ऐप में भी आप जान सकेंगे कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई या कहां तक शिकायत पहुंची। इसके लिए ट्रैक योर कंप्लेंट का भी ऑप्शन है।

ट्रायल सफल होते ही रेलवे जल्द ही 'रेल मदद' वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च करने जा रहा है। इससे तमाम हेल्पलाइन नंबर की जगह 'रेल मदद' का ही उपयोग मुसाफिर कर सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर 139 जारी रहेगा।

फिलहाल मुख्य हेल्पलाइन नंबर

  • रेलवे सिक्योरिटी : 182
  • मेडिकल इमरजेंसी, सफाई, कोच मेंटिनेंस : 138
  • कैटरिंग कंप्लेंट : 1800111321
  • महिला हेल्पलाइन : 1091
  • चाइल्ड हेल्पलाइन : 1098
  • ट्रेन एक्सीडेंट : 1072
  • विजिलेंस हेल्पलाइन : 155210
  • शिकायत व सुझाव (एसएमएस) : 9717630982
  • क्लीन माई कोच : 58888
  • जीआरपी हेल्पलाइन : 1512

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रेल यात्री ध्यान दें, 139 छोड़ बंद होंगे सारे हेल्पलाइन नंबर, अब मिलेगी यह सुविधा