नई दिल्ली। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री ने लोगों से LPG सिलेंडर्स पर सबसिडी छोड़ने की अपील की थी और करोड़ों लोगों ने इस मुहिम में सरकार का साथ दिया। अब केंद्र सरकारी ट्रेनों का यात्री किराया बढ़ाने की बजाय यात्रियों को रेल टिकटों पर मिलने वाली सबसिडी छोड़ने की अपील करेने की तैयारी में है।

खबरों के अनुसार रेलवे ने एक ऐसे प्लान को फाइनल करने की तैयारी की है जो पैसेंजर्स को प्रोत्साहित करेगा कि यात्री खुद ही रेल किराए पर मिलने वाली सबसिडी छोड़ दें। इसका मतलब ये हुआ कि, यात्री टिकट पर मिलने वाली सबसिडी लेने की बजाय पूरा किराया दें। इस संबंध में रेलवे आने वाले 100 दिनों में एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू करेगा। इस अभियान का नाम 'गिव इट अप' रखा जाएगा।

अपने अभियान को ऐसे प्रचारित करेगा रेलवे

'Give It Up' अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रेलवे डिजिटल, टीवी, प्रिंट, रेडियो, सोशल मीडिया प्लेटफार्म, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इसका प्रचार-प्रसार करेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे ने 100-दिवसीय रोडमैप दस्तावेज तैयार कर लिया है, जो अगस्त अंत तक पीएम नरेंद्र मोदी की मंजूरी के लिए उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस खास दस्तावेज में रेलवे से जुड़े अन्य प्रस्ताव भी शामिल होंगे। रेलवे का कहना है कि दो साल पहले उसने सीनियर सिटिजंस के लिए ऐसा अभियान चलाया था, जिसके परिणाम अच्छे आए थे।

सिर्फ थर्ड AC में होता है फायदा

रेलवे वर्तमान में जो किराया लेता है, वह उसके खर्च के मुकाबले सिर्फ 53% ही होता है। जानकारी के अनुसार सिर्फ थर्ड एसी क्लास में ही रेलवे को मामूली फायदा होता है, जबकि अन्य सभी क्लास में नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेलवे अफसरों का मानना है कि जागरूकता अभियान का असर हुआ तो रेलवे की बड़ी आर्थिक समस्या दूर हो सकती है। अभियान के अनुसार रेलवे को हर क्लास के पैसेंजर्स के लिए वास्तविक और अभी तय किया गया किराया बताना होगा। इससे सबसिडी छोड़ने वाले पैसेंजर को पता चल जाएगा कि उसे पहले के मुकाबले कितना अधिक किराया देना है।

प्रस्ताव के अनुसार यात्रियों को दिए जाएंगे दो विकल्प

-बिना सबसिडी के IRCTC ट्रेन का टिकट खरीदें

-सबसिडी के साथ IRCTC ट्रेन टिकट खरीदें

भारतीय रेलवे की ट्रेनों के डायनेमिक किराए पर कैग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों का मानना ​​है कि बेहतर सेवाओं के साथ ट्रेन के किराये में बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसलिए, यात्रियों को उम्मीद है कि योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन सेवाओं में सुधार के साथ स्वेच्छा से किराया सबसिडी या रियायत दी जानी चाहिए।