नई दिल्ली। Raisina Dialogue 2020 : देश की राजधानी दिल्ली में साल का सबसे बड़ा जलसा शुरू हो रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले रायसीना डायलॉग 2020 (Raisina Dialogue 2020) में दुनिया के 100 देशों के 700 से ज्यादा प्रतिनिधि एक साथ जमा होकर दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम छह से सात बजे के बीच पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें सात पूर्व राष्ट्रप्रमुख और 12 देशों के विदेश मंत्री शिकरत करेंगे।

उद्घाटन की चर्चा में न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधान मंत्री हेलेन क्लार्क, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, कनाडा के पूर्व प्रधान मंत्री स्टीफन हार्पर, स्वीडन के पूर्व प्रधान मंत्री कार्ल बिल्ड्ट, डेनमार्क के पूर्व पीएम एंडर्स रासमुसेन भूटान के पूर्व पीएम तशेरिंग तोबगे और दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम हान सेउंग-सू शामिल होंगे। भारत के लिए यह बड़ा मौका होगा, जिसमें दुनियाभर के विचारकों और नेताओं के अलग-अलग मतों के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के विदेश मंत्रालय के द्वारा किया जा रहा है।

बताते चलें कि साल 2016 में पहली बार रायसीना डायलॉग का शुभारंभ किया गया था, जिसमें 35 देशों के 100 से ज्यादा विचारक शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के इतिहास में पहली बार अफ्रीका से 80 वक्ता आ रहे हैं और कुल विचारकों में से करीब 40 फीसद महिलाएं हैं। इस पांचवें संस्करण में भू-राजनैतिक और अर्थव्यवस्था पर जोर रहेगा। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि इस बार चर्चा का विषय वैश्विक स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए अवसरों की तलाश करना रहेगा।

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ और रुस के विदेश मंत्री सेरगी लावरोव भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे और दोनों ही मंगलवार रात नई दिल्ली पहुंच जाएंगे। वे बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके अलावा सात देशों के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष आतंकवाद-विरोधी अभियानों, ग्लोबेलाइजेशन से जुड़ी चुनौतियों, आधुनिक दुनिया में टेक्नोलॉजी की भूमिका और जलवायु परिवर्तन के बारे में विचार रखेंगे।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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