मनीष गोधा, जयपुर। राजस्‍थान में 16 नवम्बर को होने वाले 49 स्थानीय निकाय चुनाव के लिए प्रचार अभियान शुरू होने के साथ ही भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह स्थानीय मुददों और केन्द्र सरकार की नीतियों को जनता के बीच ले कर जाएगी और इसके आधार पर बड़ी जीत हासिल करेगी। पार्टी अयोध्या में राममंदिर का मामले की चर्चा भी करेगी, लेकिन पार्टी की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए बहुत संयमित तरीके से इसे जनता तक पहुंचाया जाएगा। राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ ही प्रचार अभियान गति पकड़ने लगा है। जिन निकायों में चुनाव होना है, वहां प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इसके साथ ही दलों के नेताओंं ने भी पहुंचना शुरू कर दिया है। चूंकि 16 नवम्बर को मतदान है, इसलिए 14 नवम्बर को प्रचार समाप्त हो जाएगा। ऐसे में अब दो-तीन दिन का समय ही बचा है।

अयोध्या मामले को भुनाया तो जाएगा, लेकिन संयमित तरीके से-

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पर्टी को उम्मीद है कि इसका फायदा चुनाव में पार्टी को मिलेगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी इस मामले को भुनाएगी तो सही, लेकिन बहुत संयमित तरीके से लोगों तक बात पहुंचाई जाएगी। पार्टी नेताओ का कहना है कि चूंकि यह पार्टी का मूल मुददा रहा है, ऐसे मे मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने का श्रेय कही न कहीं पार्टी को ही मिलेगा, हालांकि पार्टी के नेता सार्वजनिक तौर पर ऐसा कोई श्रेय लेने या दावा करने से बच रहे हैंं।

निकाय चुनाव के प्रचार अभियान के बारे में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि हम गहलोत सरकार की विफलताओं को उजागर करने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों और मोदी सरकार के कामकाज के स्वर्णिम काल को जनता तक पहुंचाएंगे। इससे निश्चित रूप से हम निकाय चुनाव में अच्छी बढ़त हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रहित के ऐतिहासिक कार्य कर रही है, जैसे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना, आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देना, धारा 370 एवं 35 ए को जम्मू-कश्मीर से हटाना, कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू करना, 5 लाख तक की आय को कर मुक्त करना, आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करना, इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना, मातृशक्ति के लिए उज्ज्वला योजना बेघरों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना आदि।

इन कामों के बारे में हम जनता को बता रहे हैंं। उन्होने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रत्येक घर में अनेक सुविधाएं पहुंचाने का संकल्प केंद्र सरकार ने लिया है। भाजपा राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के साथ ही निकाय क्षेत्र में विकास को लेकर भी दृढ़ संकल्पित है। पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार आपसी झगड़े में उलझकर राज्यहित को भूल चुकी है।

चोरी-डकैती से आमजन व्यथित है, टोल-टैक्स वापिस लगाकर लोगों की जेबें काट रहे हैं, निकाय चुनाव में हम इन मुददों को भी प्रमुखता से उठा रहे है। पूनिया ने कहा कि निकाय चुनाव की तैयारी भाजपा बहुत पहले से प्रारंभ कर चुकी है। बूथ प्रबन्धन, समन्वय समिति के जरिए उम्मीदवारों का चयन, सांसद-विधायक-प्रमुख लोगों की सभा, नुक्कड़ सभा के जरिये जनसंपर्क, घर-घर जाकर जनसंपर्क किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं 14 नवम्बर तक 30 निकायों में दौरा करेंगे। केन्द्र सरकार की सफलता, राज्य सरकार की विफलता और निकाय चुनाव के हमारें स्थानीय मुद्दों और विकास के वादों के साथ हम जनता के समक्ष जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि जनता को भाजपा का कार्य पसन्द आया है, वे निकाय चुनाव में भी हमें विजयी बनाएंगे।

52 हजार में से 42 हजार बूथों पर हुए चुनाव- पार्टी मुख्यालय पर सोमवार को पार्टी के संगठन चुनाव की बारे में भी बैठक हुई। बैठक में संगठनात्मक चुनाव अभियान की प्रगति को लेकर चर्चा हुई। बैठक में यह बात सामने आई की राजस्थान में 52 हजार चुनाव बूथ हैं, इनमें 42 हजार बूथों तक चुनाव हो चुके हैंं। निकाय चुनाव के कारण अभी प्रक्रिया कुछ समय के लिए रोकी गई है। निकाय चुनाव की समाप्ति के बाद बूथ, मंडल चुनाव, जिला चुनाव की प्रक्रिया को सम्पन्न किया जाएगा।

Posted By: Navodit Saktawat