जयपुर। राजस्थान में 46 नगरीय निकायों के अध्यक्षों का चुनाव मंगलवार को होगा। ये चुनाव सम्बन्धित निकायों में सुबह दस से दोपहर दो बजे तक होंगे। ज्यादा से ज्यादा निकायों में अपना कब्जा जमाने के लिए राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच जबर्दस्त खींचतान देखने को मिल रही है। राजस्थान में 49 नगरीय निकायों में स्थानीय सरकार चुनने के लिए 16 नवम्बर को वोट पड़े थे। इन निकायों में हुए मतदान का परिणाम 19 नवम्बर को आया था और 49 निकायेां में से 20 में कांग्रेस तथा छह में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला था, वहीं 23 निकाय ऐसे रहे जहां सत्ता की चाबी निर्दलियों के हाथ में थी।

नाम वापसी के बाद अब तक 49 में से तीन निकायों रूपवास, मकराना और निम्बाहेडा में अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हो चुका है। इनमें रूपवास में दोनों दलों के बीच चल रही खींचतान साफ नजर आई। यहां भाजपा ने एक निर्दलीय पार्षद बबीता देवी को अपना प्रत्याशी बनाया। यह प्रत्याशी निर्विरोध अध्यक्ष बन गई और कुछ देर बाद ही कांग्रेस में शामिल हो गई। ऐसे में अभी तक हुए निर्विरोध निर्वाचन में तीन निकायों में कांग्रेस का बोर्ड बन चुका है। अब नजर बाकी निकायों पर है।

कांग्रेस और भाजपा इस कवायद में जुटे

मतगणना के बाद से ही कांग्रेस और भाजपा में जोरदार खींचतान देखने को मिल रही है। अपने पार्षदों को अपने खेेमे में बनाए रखने और निर्दलीय पार्षदों को अपने खेमे में बनाए रखने में दोनों दलों को काफी मशक्कत करनी पड रही है। भाजपा कांग्रेस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है। पार्टी का आरोप है कि रूपवास ही नहीं बल्कि पुष्कर और अलवर सहित कई स्थानों पर कांग्रेस के मंत्री और नेता निर्वाचित पार्षदों को डराने धमकाने और लालच देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैंं। सत्ता में नहीं होने के कारण भाजपा को अपने खुद के पार्षद भी बचा कर रख पाना मुश्किल हो रहा है और यह माना जा रहा है कि तीन-चार निकाय जहां भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत या बहुमत के आस-पास की संख्या है, वहां कांग्रेस बोर्ड बनाने में सफल रहेगी।

दोनों दलों ने अपने पार्षदों को सुरक्षा वाली घेरेबंदी में रखा

कांग्रेस पहले ही तीस से ज्यादा निकायों में बोर्ड बनाने का दावा कर चुकी है। वहीं भाजपा को अपने स्पष्ट बहुमत वाले निकायों के अलावा आठ दस और निकायों में बोर्ड बना सकती है। मतदान के लिए दोनों दलों ने अपने पार्षदों को सुरक्षा वाली घेरेबंदी में रख रखा है। अब मंगलवार को एक साथ सभी पार्षदों को वोट डालने के लिए लाया जाएगाघ्। इस दौरान सबसे ज्यादा नजर इसी बात रहेगी कि किस निकाय में क्राॅस वोटिंग होती या जहां निर्दलियों के हाथ में सत्ता की चाबी है, वहां कितने निर्दलीय किस दल में जाते है। मतदान के तुरंत बाद मतगणन होगी और देर शाम तक परिणाम आने की सम्भावना है।

यह रहा था परिणाम

भाजपा को स्पष्ट बहुमत वाले निकाय

खाटू श्यामजी, पुष्कर, बालोतरा, पिण्डवाडा, उदयपुर और सुमेरपुर

जहां भाजपा को बढत हासिल है

पाली, बीकानेर अलवर, ब्यावर, नसीराबाद, पाली, जालौर, भीनमाल, प्रतापुर गढी

कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत वाले निकाय

संागोद, कैथून, नाथद्वारा, निम्बाहेडा, चित्तौडगढ, रावतभाटा, बांसवाडा, माउंट आाबू, सिरोही, बाडमेर, फलौदी, मकराना, डीडवाना, नीमकाथाना, सीकर, बिसाउ, झुझुनूं, चूरू हनुमानगढ

जहां कांग्रेस को बढत है सूरतगढ, राजगढ, भिवाडी, टोंक, जैसलमेर, मंगरोल, छबडा, शिवगंज,थानागाजी

जहां निर्दलियों को बढत है

भरतपुर, पिलानी, रूपपवास, महुआ, कनोड

Posted By: Navodit Saktawat