जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में एक बंदी की पैरोल याचिका पर सुनवाई के मामले में बीकानेर जिले कलेक्टर और एसपी हाईकोर्ट में उपस्थित हुए। बंदी की पत्नी की ओर सक्षम अधिकारियों की ओर से एक बार मिली पेरोल के बाद दूसरी बार पेरोल की अर्जी खारिज किये जाने के बाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी।

बीकानेर जेल में बंद कैदी तेजाराम की पत्नी निरमा देवी की ओर से कोर्ट में याचिका लगाते हुए यह बताया था कि पूर्व में उसके पति को हाईकोर्ट से पैरोल मिली थी और उसने शुद्ध आचरण के साथ ही पैरोल समयावधि के तहत दुबारा जेल में समर्पण किया था ।

याचिकाकर्ता निरमा देवी के अधिवक्ता कालूराम भाटी ने अदालत को बताया कि नियमानुसार बंदी तेजाराम द्वारा दूसरी बार पैरोल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर उसे बिना किसी कारण के खारिज कर दिया गया । इस पर हाईकोर्ट ने बीकानेर जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को तलब किया था । जिसकी सुनवाई के तहत बीकानेर जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम व पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा खंडपीठ के समक्ष उपस्थित हुए।

बिना कारण पेरोल नहीं दिए जाने के मामले में कोर्ट ने अधिकारियों को भविष्य में इस प्रकार की गलती नही करने के निर्देश दिए । इस पर अधिकारियों ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटि नहीं होगी । हाईकोर्ट खंडपीठ के जस्टिस संदीप मेहता , अभय मनोहर चतुर्वेदी की कोर्ट में बंदी तेजाराम को पैरोल देने के साथ ही उक्त मामले का निस्तारण किया गया । राज्य सरकार की ओर एएजी फरजंद अली ने सरकार का पक्ष रखा।