Rajasthan Political Crisis । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। शुक्रवार को अशोक गहलोत ने खुद कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया है और गांधी परिवार से कोई भी चुनाव के लिए नामांकन नहीं भरेगा। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरते हैं तो राजस्थान में सियासी समीकरण बदल सकते हैं और गहलोत के विरोधी गुट यानी सचिन पायलट कुछ नया ‘खेला’ कर सकते हैं। दरअसल सियासी गलियारों के खबर हैं कि सचिन पायलट जल्द ही सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

28 सितंबर को नामांकन भरेंगे अशोक गहलोत

अशोक गहलोत 28 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार का साथ मिलने के कारण अशोक गहलोत का पार्टी अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है और ऐसे में राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट की मुसीबत बढ़ सकती है क्योंकि सीएम अशोक गहलोत पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुने जाने के बाद भी वे मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ेंगे।

वहीं साथ में अशोक गहलोत सीएम पद छोड़ने की स्थिति में अपने ही समर्थक को सीएम पद पर बैठाना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो वे सीपी जोशी को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर सकते हैं, जो सचिन पायलट के लिए करारा झटका साबित हो सकता है।

एक्टिव हो गए सचिन पायलट

सचिन पायलट ने सभी खेमे के कांग्रेस विधायकों से बात करना शुरू कर दिया है। सचिन पायलट ने ऐसे विधायकों से भी बात की है जो अशोक गहलोत के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। इस पूरी कवायद को बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट खेमे को साधने के लिए आलाकमान की ओर से उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने का आश्वासन मिला है।

बीते कई दिनों से चुप्पी साधे है पायलट खेमा

दरअसल राजस्थान में पायलट खेमा बीते कई दिनों से चुप्पी साधे हुए हैं और उन्होंने कोई भी राजनीतिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर गहलोत सरकार एक मंत्री ने यह बयान जरूर दिया कि सचिन पायलट यदि मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन यह तो तय है कि आने वाले कुछ दिनों में राजस्थान की सियासत में बड़ा फेरबदल या उठापटक देखने को मिल सकती है।

Posted By: Sandeep Chourey

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