लखनऊ। अयोध्या जन्मभूमि विवाद का सदियों पुराना विवाद सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद खत्म हो गया है। इस निर्णय के बाद विवादित भूमि रामलला की हो गई है। इसके साथ ही विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस बीच उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम नेता ने मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार रुपए का दान किया है। यह नेता शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वसीम रिजवी हैं, जिन्होंने गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए 51 हजार का चेक दिया है। रिजवी ने कहा कि वक्फ बोर्ड अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने के पक्ष में है।

रिजवी ने साथ ही यह भी कहा कि दशकों पुराने इस विवादित मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बहुत अच्छा फैसला सुनाया है। बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया था।

राम मंदिर के लिए 51 हजार रुपए दान देते हुए रिजवी ने कहा कि 'राम जन्मस्थान पर अब भव्य राम मंदिर बनाने की तैयारी की जा रही है। भगवान राम हमारे भी पूर्वज रहे हैं। ऐसे में राम जन्मभूमि न्यास को वसीम रिजवी फिल्म्स की तरफ से 51 हजार रुपए मंदिर निर्माण के लिए दिेए जा रहे हैं।' रिजवी ने कहा कि जब भी मंदिर का निर्माण होगा तो शिया वक्फ बोर्ड इसके निर्माण में मदद करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अयोध्या में राम मंदिर का होना विश्वभर के साथ ही भारत के राम भक्तों के लिए गर्व की बात है।

9 नवंबर को आया था ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने दशकों से चले आ रहे राम जन्मभूमि विवाद का आखिरकार 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पटाक्षेप कर दिया। शीर्ष कोर्ट ने अपने फैसले में रामलला को ही विवादित जमीन का मालिक बताया है। इसके साथ ही कोर्ट ने बाबरी मस्जिद कहीं और बनाने के लिए केंद्र सरकार को कहीं और 5 एकड़ जमीन मुस्लिम पक्षकारों को देने का कहा है।

Posted By: Neeraj Vyas