नई दिल्ली। उद्योगपति रतुल पुरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8000 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया। इसमें आरोप लगाया गया है कि वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले से जुड़े दुबई के हवाला कारोबारी व बिचौलिए राजीव सक्सेना द्वारा मुहैया कराए गए क्रेडिट कार्ड से रतुल निजी जेट विमानों में सफर और नाइट क्लबों में ऐश करता था। इस कार्ड से उसने 45 लाख डॉलर (करीब 3200 करोड़ रुपए) खर्च किए।

दिल्ली कीएक विशेष कोर्ट में ईडी ने गुरुवार को रतुल पुरी के अलावा उनके संबद्धों और रतुल के पिता की कंपनी मोजर बेयर इंडिया लि. के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। यह मामला मनी लांड्रिंग निरोधक कानून के तहत दायर किया गया है, जिसमें आठ हजार करोड़ रुपए के बैंक कर्ज की हेराफेरी का आरोप है। जांच में पता चला है कि पुरी ने बैंक लोन की राशि समेत अन्य पैसा विश्वभर में स्थित मोजर बीअर की अन्य सहयोगी कंपनियों के खातें में ट्रांसफर किया। यह पैसा कर्ज व निवेश के रूप में दिखाया गया। इतना ही नहीं पुरी न कुछ हवाला ऑपरेटरों व पेशेवरों की मदद से एक कंपनी बनाई और उसके जरिए असेट क्रिएशन जैसे फैक्टरी व अन्य अचल संपत्ति आदि खरीदी में पैसा लगाया।

हेलिकॉप्टर घोटाले का मुख्य आरोपित है सक्सेना

रतुल पुरी की लाइफ स्टाइल ठाठदार थी और उसके लिए खर्चों की व्यवस्था के लिए दुबई के हवाला कारोबारी राजीव सक्सेना ने उसे एक क्रेडिट कार्ड जारी करवाया था। सक्सेना 3600 करोड़ के रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले का एक मुख्य आरोपित है। इसी साल के आरंभ में उसे दुबई से भारत भेजा गया था। उसके द्वारादिलाए गए क्रेडिट कार्ड से रतुल ने 45 लाख डॉलर रुपए खर्च किए थे। रतुल मोजर बेयर में एक कार्यकारी निदेशक रहा है। उसे इस मामले में ईडी ने अगस्त में गिरफ्तार किया था। वह अभी न्यायिक हिरासत में जेल में है। हालांकि उसने और उसके परिवार ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

सक्सेना का सरकारी गवाह का दर्जा खत्म करने करें : ईडी

इस बीच ईडी ने विशेष सीबीआई अदालत में अर्जी दायर राजीव सक्सेना को दिया गया सरकारी गवाह का दर्जा खत्म करने की मांग की। विशेष जज अरविंद कुमार के समक्ष सीलबंद लिफाफे में यह आग्रह किया गया है। कोर्ट इस पर 21 अक्टूबर को विचार करेगी। ईडी का कहना है कि हेलिकॉप्टर घोटाले के आरोपित सक्सेना ने सूचनाएं छिपाईं, जांच को भ्रमित किया और पूरी सचाई उजागर नहीं की। यूएई पुलिस ने सक्सेना को 30 जनवरी को दुबई स्थित उसके घर से उठाया था और उसी रात भारत भेज दिया था।

Posted By: Arvind Dubey