नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसका ऐलान किया। बैठक में इसके अलावा दो अन्य बड़े फैसले भी लिए गए। पहला - अब RTGS और NEFT ट्रांजेक्शन पर बैंकों को कोई चार्ज नहीं लगेगा। आरबीआई ने कहा है कि बैंक यह फायदा सीधे अपने ग्राहकों तक पहुंचाए। दूसरा - आरबीआई ने एक कमेटी नियुक्त की है, जो एटीएम चार्जेस और फीस की व्यवस्था का अध्ययन करेगी। इस कमेटी की अध्यक्षता इंडियन बैंक एसोसिएशन के सीआईओ करेंगे और सभी पक्षों को इसमें स्थान दिया गया है। कमेटी अपनी पहली बैठक के दो माह के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी। माना जा रहा है कि ग्राहकों को एटीएम से जुड़े अलग-अलग तरह के चार्जेस से राहत देने के लिए यह पहल की गई है।

बता दें, NEFT के माध्यम से फंड ट्रांसफर मुख्य रूप से छोटे बचत खाता धारक करते हैं। जबकि, RTGS का उपयोग बड़े बड़े उद्योग घराने, संस्थाएं इत्यादि करते हैं | NEFT के माध्यम से भुगतान एक समय के बाद होता है लेकिन RTGS के माध्यम से भुगतान तुरंत उसी समय हो जाता है। NEFT का उपयोग छोटी राशि को भेजने के लिए किया जाता है जबकि RTGS के माध्यम से कम से कम 2 लाख रुपये का ट्रांसफर करना जरूरी हिता है जबकि NEFT के मामले में ऐसी कोई न्यूनतम या अधिकत्तम की सीमा नही है |

NEFT के माध्यम से पैसे भेजने के लिए बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक सुबह के 9 बजे से शाम के 7 बजे तक का समय तय रहता है, जबकि शनिवार के दिन सुबह के 9 बजे से दोपहर के 1 बजे तक पैसे भेजे जा सकते हैं। लेकिन, RTGS प्रणाली से पैसे तुरंत भेज दिए जाते हैं (लेकिन उस दिन बैंक का खुला होना जरूरी होता है)।

NEFT में लगने वाला शुल्क

-लेनदेन करने के लिए रुपये 1 लाख के लिए, शुल्क- 5 रुपये+सेवा कर

-1 लाख रुपये से अधिक और 2 लाख से कम के लिए, शुल्क - 15 रुपये से अधिक नहीं+सेवा कर

-2 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन के लिए, शुल्क-25 रुपये से अधिक नहीं +सेवा कर

RTGS में लगने वाला शुल्क

-2 लाख रुपये से 5 लाख तक के लेन-देन के लिए शुल्क: 30 प्रति हस्तांतरण से अधिक नहीं है।

-5 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन के लिए शुल्क: 55 प्रति हस्तांतरण से अधिक नहीं है।

Posted By: Arvind Dubey