रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के जून तिमाही के नतीज़े घोषित हो चुके हैं। साल की दूसरी तिमाही में रिलाइंस जियो ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पिछले साल के मुकाबले 27.6% ज्यादा लाभ कमाया है। वहीं पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का लाभ 3.6% बढ़कर 27,550 करोड़ हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी रिलायंस जियो के लाभ में हुई है। रिलाइंस जियो का लाभ इस दौरान 45% बढ़कर 3,651 करोड़ हो गया। रिलाइंस के कारोबार पर कोरोना की दूसरी लहर का असर काफी कम दिखाई दिया है।

असाधारण आइटम्स को छोड़कर कंपनी का शुद्ध लाभ 66.7% बढ़कर 13,806 करोड़ रुपये रहा है। वहीं जून तिमाही का EBITDA 9,268 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जबकि जियो का शुद्ध लाभ 44.9 प्रतिशत उछलकर 3,651 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में जियो को 2,519 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

रिलाइंस के 98% कर्मचारी वैक्सीनेटेड

कोरोना से निपटने के लिए रिलायंस ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को नि:शुल्क 10 लाख से अधिक टीके लगवाए हैं। 98% पात्र कर्मचारियों को कम से कम वैक्सीन की एक डोज़ लग गई है। टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस ने सबसे तेज़ी से ग्राहक जोड़े हैं। पिछले 12 महीनों में 4 करोड़ तेईस लाख नए ग्राहक जुड़े। अब कुल ग्राहकों की संख्या 44 करोड़ छह लाख हो गई है। इस तिमाही में डेटा ट्रैफ़िक 20 अरब गीगाबाइट यानि 20 एग्ज़ाबाइट रहा – ये पिछले साल के मुकाबले 38.5% ज़्यादा है। इस दौरान कुल वॉइस ट्रैफ़िक 1.06 ट्रिलियन मिनिट रहा, जो पिछले साल के मुकाबले ये 19.5% ज़्यादा है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के जरिए 3,651 करोड़ रुपये का लाभ

जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA 8,892 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल से 21.3% ज़्यादा है। इसका शुद्ध लाभ 3,651 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल के मुकाबले 44.9% अधिक है। जियो फ़ाइबर अब तीस लाख घरों तक पहुँच चुका है और इस काम में लगातार तेज़ी आ रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑइल टू केमिकल्स बिज़नेस ने लगातार चौथी तिमाही के EBITDA में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। इसका EBITDA 60 बेसिस पॉइंट्स से बढ़ी है। दुनिया में कोविड की स्थिति में थोड़ी बेहतरी के बाद तेल की माँग बढ़ी है। इसकी झलक रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑइल टू केमिकल्स बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन में देखी जा सकती है।

डिजिटल कॉमर्स से भी हुआ फायदा

रिलायंस रिटेल ने ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिजिटल कॉमर्स को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। इस दौरान कंपनी ने रिकॉर्ड बिक्री की। इस तिमाही में रिटेल राजस्व का 20% हिस्सा, डिजिटल कॉमर्स के विस्तार और मर्चेंट पार्टनरशिप के ज़रिए आया। इसके नए स्टोर्स खोलने का काम जारी है - तिमाही के दौरान 123 स्टोर जोड़े गए; कुल स्टोर की संख्या अब 12,803 हो गई है। KG D6 में उत्पादन बढ़ने की वजह से ऑयल और गैस सेगमेंट का EBITDA पिछली 22 तिमाहियों में सबसे अधिक रहा, यह 797 करोड़ रुपये जा पहुंचा।

मीडिया बिजनेस भी बढ़ा

मीडिया बिज़नस पिछले साल के मुकाबले 6 गुना बढ़कर 188 crore रुपये का हो गया है। कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बावजूद ऑपरेटिंग मार्जिन 15.5% रही जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इस तिमाही का केपेक्स 16,684 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा RJIL ने स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए 29,276 करोड़ रुपये खर्च किए। इस तिमाही में, रेटिंग एजेंसी ‘फिच’ ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की लॉन्ग टर्म फ़ॉरेन करंसी इशुअर डिफ़ॉल्ट रेटिंग BBB कर दी है, ये भारत की सॉवरेन रेटिंग से एक पायदान ऊपर है।

Posted By: Shailendra Kumar