Repo Rate Explainer। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज एक बार फिर रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया है। दरअसल वैश्विक अर्थव्यवस्था के असर के चलते महंगाई चरम पर है और इस कारण महंगाई पर काबू करने से लिए मई माह से अभी तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तीन बार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर चुका है। आपको बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर देश के सभी व्यावसायिक या सहकारी बैंक फंड लेते हैं। ऐसे में यदि रिजर्व बैंक भी रेपो रेट बढ़ा देता है तो इसका सीधा असर बैंकों के ग्राहकों को मिलने वाले लोन पर होता है।

मई से अभी तक तीसरी बार बढ़ी रेपो रेट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोरोना काल में करीब दो साल तक रेपो रेट को 4 फीसदी पर स्थिर रखा था, लेकिन मई माह से RBI ने सस्ते कर्ज का दौर समाप्त कर दिया और रेपो रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर दिया। बीते 3-4 माह में रेपो रेट इस तरह बढ़ी है -

- मई माह में रेपो रेट को 0.40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 फीसदी किया।

- जून में रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाया

- अगस्त में फिर रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाया गया

(3 माह में अभी तक 1.40 फीसदी रेपो रेट बढ़ाई जा चुकी है, अब रेपो रेट बढ़कर 5.40 फीसदी हो चुका है)

जानें कितनी महंगी हुई आपके होम लोन की EMI

मई माह से अभी तक रेपो रेट 1.40 फीसदी बढ़ चुका है। खुद बैंकों को लोन महंगा मिल रहा है तो ऐसे में बैंक इसका भार सीधे अपने ग्राहकों पर डालते हैं और बैंक भी अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर देते हैं। इस कारण कार लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि महंगे हो जाते हैं। इसे उदाहरण से समझ सकते हैं -

मान लीजिए आपने 20 साल के लिए 30 लाख रुपए का होम लोन लिया है।

- बीते 5 माह में RBI ने रेपो रेट 1.40 फीसदी बढ़ाई है, जो अब अगस्त में 5.40 फीसदी हो गई है। इसका मतलब कि आरबीआई से बैंक को ऋण 5.40 फीसदी के रेट पर मिलेगा।

- रेपो रेट बढ़ने के कारण बैंक का ब्याज दर भी औसतन 7.55 फीसदी से बढ़कर 8.05 फीसदी हो जाएगा।

- ऐसे में 30 लाख रुपए पर आपकी प्रति माह EMI जो पहले 24,260 रुपए होती थी, अब बढ़कर 25,187 रुपए हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि रेपो रेट बढ़ने से आपकी EMI हर माह 927 रुपए बढ़ जाएगी।

Posted By: Sandeep Chourey

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