नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के दौरान सुरक्षा मुहैया कराए जाने को लेकर लगी याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता रेहाना फातिमा के साथ ही बिंदु अमीनी को पुलिस सुरक्षा देने की मंजूरी दी है। कोर्ट ने अगले सुनवाई तक सुरक्षा प्रदान करने का कहा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हमने पूर्व में इस याचिका से संबंधित सबरीमाला मामले को बड़ी संवैधानिक बेंच को भेज दिया है। जल्द इस पर सुनवाई होगी। इसके साथ ही सीजेआई बोबडे ने कहा कि 'सबरीमाला मंदिर मामले में फैसला आ चुका है लेकिन यह भी उतना ही सही है कि यह मुद्दा बड़ी बेंच को रैफर किया जा चुका है। हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते हैं।'

इसके पूर्व तीन सदस्यीय बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। इस पीठ की अध्यक्षता चीफ जस्टिस एसए बोबडे कर रहे थे। इसके अलावा बेंच में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत थे। केरल की रहने वाली फातिमा ने यह याचिका लगाई। जिसमें मांग की गई है कि सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के दौरान उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी भी तरह के शारीरिक हमले से उन्हें बचाया जाए।

फातिमा की याचिका में यह भी मांग की गई है कि कोर्ट केरल सरकार को सबरीमाला मामले में महिलाओं को मिलने वाली धमकियों पर जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दे। धमकी देने वाली की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाने की भी याचिका में मांग की गई है।

गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई जारी है। 14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला 7 सदस्यीय बेंच को भेज दिया था। कोर्ट के इस निर्णय पर केरल में लोगों ने खुशी भी जताई थी। हालांकि कोर्ट द्वारा पूर्व में ही मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने का आदेश दिया है, जिस पर पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की थी। इस पर बेंच ने अपना फैसला देते हुए याचिका को बड़ी बेंच में भेजने का कहा था। इसके बाद याचिका को 7 सदस्यीय बेंच के पास भेजा गया था।

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