कोलकाता। हजारों करोड़ के बहुचर्चित सारधा चिटफंड घोटाले में पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सीबीआई ने इस घोटाले के सिलसिले में शुक्रवार को नलिनी चिदंबरम के खिलाफ कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बारासात अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। इसमें सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नलिनी ने चिटफंड घोटाले में शामिल सारधा ग्रुप ऑफ कंपनीज से 2010-12 के दौरान एक करोड़ 40 लाख रुपये की राशि प्राप्त की थी।उन पर सारधा ग्रुप के प्रमुख सुदीप्त सेन के साथ मिलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।

सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि आरोप है कि सारधा ग्रुप के मालिक सुदीप्त सेन और अन्य आरोपितों के साथ कंपनी की धनराशि के गबन, हेराफेरी और फर्जीवाड़े करने के इरादे से आपराधिक साजिश रचने में नलिनी शामिल थीं। आरोप पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता मतंग सिंह की पूर्व पत्नी मनोरंजना सिंह का भी जिक्र है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मनोरंजना ने ही नलिनी को सारधा गु्रप के मालिक सुदीप्त सेन से मिलवाया था, ताकि वह सुदीप्त व उनकी कंपनी के खिलाफ चल रही सेबी, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) जैसी विभिन्न एजेंसियों की जांच को मैनेज व प्रभावित कर सकें।

इसके लिए उनकी कंपनियों के जरिये 2010-12 के दौरान उन्हें कथित तौर पर एक करोड़ 40 लाख रुपये मिले। इससे पहले पूछताछ के दौरान सुदीप्त सेन ने नलिनी को वकील के तौर पर रखे जाने का जिक्र किया था। सेन ने यह भी बताया था कि मनोरंजना सिंह के कहने पर ही उन्होंने नलिनी को अपने वकील के तौर पर रखा था।

गौरतलब है कि सारधा घोटाले में सीबीआइ की यह छठी चार्जशीट है। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस घोटाले की जांच का जिम्मा सौंपा था। सारधा समूह ने आकर्षक ब्याज का झांसा देकर लोगों से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाई थी, लेकिन लोगों के पैसे नहीं लौटाए गए। सेन ने भुगतान नहीं कर पाने के बाद 2013 में कंपनी का कामकाज बंद कर दिया था।

प्रदर्शन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले की जांच कर रहा है। इस घोटाले में ईडी पहले ही नलिनी से पूछताछ कर चुकी है। पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी ईडी और सीबीआइ जांच का सामना कर रहे हैं। कार्ति पर 2006 में एयरसेल-मैक्सिस सौदे में कथित रिश्वत लेने का आरोप है।

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