नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में सारधा चिटफंड घोटाले की चल रही सीबीआइ जांच की निगरानी करने से सोमवार को इन्कार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस संबंध में कुछ निवेशकों की अर्जी नामंजूर कर दी। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश से इस मामले की सीबीआइ जांच चल रही है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।

पीठ ने कहा, 'चिटफंड घोटाले की जांच की निगरानी के लिए हम कमेटी बनाने के इच्छुक नहीं हैं।' घोटाले की जांच को लेकर कोलकाता पुलिस और सीबीआइ के बीच पैदा हुए गतिरोध के बाद कोर्ट ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआइ के सामने शिलांग में पेश होकर जांच में 'ईमानदारीपूर्वक' सहयोग करने का निर्देश दिया था।

राजीव कुमार इस घोटाले की जांच करने वाली एसआइटी के मुखिया थे। उन पर घोटाले के सबूत नष्ट करने के आरोप हैं। सीबीआइ फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही सीबीआइ द्वारा दाखिल अदालत की अवमानना याचिका पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा कोलकाता पुलिस आयुक्त से 18 फरवरी तक जवाब तलब किया गया है।

सीबीआइ तीन फरवरी को जांच के सिलसिले में राजीव कुमार के आवास पर पहुंची थी, तभी स्थानीय पुलिस और सीबीआइ अधिकारियों के बीच विवाद हो गया और जांच एजेंसी के अधिकारियों को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआइ की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गईं, जिससे इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। इसके बाद सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।

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