नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार ठहराने वाले पूर्व IPS अफसर गौरव दत्त की मौत की स्वतंत्र जांच नहीं होगी। इस मामले में गौरव की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी, लेकिन ताजा सुनवाई में स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका वापस लेने की उन्हें अनुमति दे दी गई।

मालूम हो, पश्चिम बंगाल के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अफसर गौरव दत्त को इसी साल 19 फरवरी को अपने घर में कटी हुई कलाई के साथ मृत पाया गया था। दत्त पिछले साल ही रिटायर हुए थे। गौरव ने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया था। उनके खिलाफ दो मामलों में जांच चल रही थी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने विगत शुक्रवार को कहा कि श्रेयसी दत्त से बातचीत के बाद उन्हें इस बात की तसल्ली हो गई कि रिट याचिका को वापस लेने की इजाजत दे दी जाए।

खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि विगत नौ मई, 2019 को हममें से एक जज (जस्टिस अनिरुद्ध बोस) ने व्यक्तिगत रूप से याचिकाकर्ता (श्रेयसी दत्त) से मुलाकात की थी। इसके हमें इस बात पर संतोष है कि उनकी रिट याचिका को वापस लेने दिया जाए। हमारा आदेश भी यही है।

खंडपीठ ने बताया कि विगत नौ मई को वह श्रेयसी से बातचीत करके यह जानना चाहते थे कि वह याचिका क्यों वापस लेना चाहती हैं। इसलिए श्रेयसी को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा गया था। ध्यान रहे कि श्रेयसी ने अपनी याचिका वापस लेने की अपील की थी। उन्होंने दलील दी थी कि केस दायर करते समय उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इसके बाद खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को यह निर्देश दिया कि वह श्रेयसी को अब तक की अदालती कार्यवाही में हुए खर्च की भरपाई के लिए 25 हजार रुपये की रकम अदा करे। -------------------------

Posted By: Arvind Dubey

Assembly elections 2021
elections 2022
  • Font Size
  • Close