नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को झटका देते आयकर रिटर्न मामले में दायर उनकी याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को ट्रायल कोर्ट में चलने देने और चार माह के भीतर निर्णय देने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता के आग्रह को खारिज करते हुए निचली अदालत को उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने यह भी कहा कि जयललिता के खिलाफ इस मामले की सुनवाई चार माह के भीतर पूरी हो जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि आयकर अधिकारियों ने जयललिता और उनकी निकट सहयोगी शशिकला के खिलाफ 1996 और 1997 में आपराधिक मामले दर्ज किए थे। जयललिता ने दावा किया था कि उस वर्ष उनकी आमदनी आयकर योग्य नहीं थी और इसलिए आयकर विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा उन पर टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया ही नहीं जा सकता। हालांकि आयकर विभाग ने इसके जवाब में कहा कि आयकर रिटर्न फाइल करना अनिवार्य होता है।