नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को AGR के मामले में कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने यह डांट भुगतान में देरी को लेकर लगाई। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह याचिकाएं दाखिल ही नहीं करनी चाहिए थीं, ये सब बकवास है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर सरकारी अफसर हैं जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ही रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि अभी तक एक पाई भी जमा नहीं हुई है।

कोर्ट ने इसके साथ ही सभी टेलिकॉम कपनियों के एमडी को अवमानना का नोटिस जारी किया है और 17 मार्च तक कोर्ट में तलब होने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस देश में कोई कानून बचा है या नहीं। हमें नहीं पता ये कौन कर रहा है, क्या कोर्ट को बंद कर दें?

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को शुक्रवार रात 11:59 बजे तक बकाया रकम का भुगतान करने को कहा है। 1.47 लाख करोड़ रुपए के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों और केंद्र के टेलीकॉम डिपार्टमेंट के रवैए पर नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ज्यादातर कंपनियों ने बकाया रकम जमा नहीं करवाई है।

बता दें कि रिलायंस, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया समेत अन्य टेलीकॉम कंपनियों ने याचिकाएं दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से अपने पूर्व के आदेश में संशोधन की अपील की थी। दूरसंचार विभाग के राजस्व मामलों से जुड़े एक डेस्क ऑफिसर ने पिछले दिनों संवैधानिक पदों पर बैठे अन्य अफसरों को लिखी चिट्‌ठी में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक टेलीकॉम कंपनियों पर कोई कार्रवाई न की जाए, भले ही वे एजीआर मामले में बकाया भुगतान नहीं करें। कोर्ट ने इसी पर नाराजगी जताई है।

दरअसल, कोर्ट ने 6 जनवरी को इन कंपनियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज करते हुए अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) चुकाने के आदेश दिए थे। 22 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों भारती एयरटेल, वोडा- आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी जिसमें यह अपील की गई थी कि कोर्ट अपने 24 अक्टूबर वाले फैसले पर विचार करे, जिसमें गैर-दूरसंचार आय को एजीआर में शामिल किया गया था।

Posted By: Ajay Barve

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