नई दिल्ली। शोध को लेकर भारत में बदले माहौल का असर अब दिखने लगा है। भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े शोध में भारत दुनिया में नंबर एक पर है, जबकि वैज्ञानिक शोध की ग्लोबल रैंकिंग में 9वें स्थान से बड़ी छलांग लगाते हुए 5वें स्थान पर पहुंच गया है।

भारत ने इन देशों को पीछे छोड़ा

भारत ने जापान, फ्रांस, इटली, कनाडा और आस्ट्रेलिया जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, अमेरिका, चीन, ब्रिटेन व जर्मनी अब भी आगे हैं। रैंकिंग का आधार साइंस जर्नल में प्रकाशित होने वाले शोध पत्र हैं। वैज्ञानिक शोध के मामले में रोमांचित करने वाली यह जानकारी वैश्विक स्तर पर जारी होने वाली एक रिपोर्ट में सामने आई है।

गणित और रसायन में बनाया मुकाम

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि ग्लोबल रैंकिंग में भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े शोध में भारत जहां विश्व में पहले नंबर पर है, वहीं रसायन और गणित के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2013 से पहले भारत इन क्षेत्रों में 8वें स्थान पर था। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पांच सालों में कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में शोध के मामले में सबसे बड़ी छलांग लगाई है।

साल भर पहले हासिल किया लक्ष्य : वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में वर्ष 2013 में भारत 9वें स्थान पर था। तब सरकार ने वर्ष 2020 तक इस क्षेत्र में 5वें स्थान पर पहुुंचने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन इसे साल भर पहले ही हासिल कर लिया गया। अब सरकार ने वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में तीसरे स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य तय किया है।