गया। बिहार में लू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी सूबे में 64 की मौत हो गई। गया में आठ, नवादा में 10, सासाराम में 17, औरंगाबाद में पांच, समस्तीपुर में 3, मुंगेर में 5 और नालंदा, हाजीपुर, छपरा, बेगूसराय, बक्सर व अरवल में 16 की जान गई। शनिवार से लेकर अब तक बिहार में 242 की मौत हो चुकी है। पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मची हुई है। मौत के जो आधिकारिक रिकॉर्ड हैं, उससे कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है। सुदूर ग्रामीण इलाकों में कई मौतें हुई हैं, जिनका अस्पताल में रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन स्थानीय मुखिया आदि उसकी पुष्टि कर रहे।

जांच कर दिया जाएगा मुआवजा

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंगल पांडेय ने सोमवार को औरंगाबाद के सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीजों की देखरेख में कोई कमी नहीं रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इलाज में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मरीजों की मौत प्रशासन के रिकॉर्ड में नहीं है, उसके लिए गठित कमेटी जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद उनके परिजनों को भी मुआवजा दिया जाएगा।

अभी तक लू से 34 लोगों की मौत में सभी के परिजनों को चार-चार लाख की मुआवजा राशि दे दी गई है। जो इस सूची से छूटे हुए हैं, उसके लिए गठित कमेटी जांच के बाद मुआवजे की अनुशंसा करेगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी।

11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे बाजार

बिहार में अगले तीन दिन लू का कहर जारी रहने की आशंका है। गर्मी के कहर को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 जून तक प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद रखने का निर्देश दिया है। निजी स्कूल भी इसमें शामिल हैं।

एहतियात के तौर पर यह निर्देश दिया गया है कि दक्षिण बिहार के प्रभावित जिलों में सभी बाजार सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक बंद रहेंगे। पटना के बाजार को फिलहाल इस आदेश से अलग रखा गया है। संपूर्ण सूबे में निर्माण कार्य सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक बंद रहेंगे।