कोरोना वायरस के संक्रमण से जहां एक और सरकार आर्थिक राहत पैकेज देने का ऐलान कर चुकी है। वहीं दूसरी ओर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के उन कस्टमर्स की जेब पर भार बढ़ने जा रहा है जो बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं। बैंक द्वारा 31 जनवरी 2020 से बैंक लॉकर पर लगने वाले चार्ज में बढ़ोतरी करने जा रही है। SBI द्वारा पूर्व में ही इसका ऐलान कर दिया गया था। बैंक ने लॉकर की साइज के हिसाब से सालाना रेंटल चार्ज 500 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक बढ़ा दिया है। यह फीस इस हिसाब से तय की जाएगी कि खाताधारक का लॉकर किस इलाके में है।

चुकाना होगा इतना चार्ज

SBI द्वारा छोटे लॉकर के किराए में 500 से लेकर 2000 तक बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं दूसरी ओर एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर के किराए के लिए अब सालाना 9000 रुपए के बजाय 12,000 रुपए चुकाना होंगे। मीडियम साइज लॉकर के लिए अब 1000 से 4000 तक ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ेगा। बड़े लॉकर का सालाना रेंट 2000 से 8000 रुपए तक रहेगा।

इस वजह से बैंक ने दी है ये सुविधा

सभी बैंकों द्वारा बैंक लॉकर की सुविधा अपने खाताधारकों को दी जाती है। बैंक द्वारा सेफ डिपॉजिट लॉकर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसमें ग्राहक अपने कीमती सामान के साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी रख सकता है। इस लॉकर को सिर्फ अकाउंट होल्डर या फिर ज्वाइंट होल्डर ही ऑपरेट कर सकता है। आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक कोई भी शख्स बैंक में खाता खोले बिना भी लॉकर खोल सकता है हालांकि आमतौर पर बैंक बिना खाते के लॉकर किराए से देने से बचते हैं।

ऐसे इस्तेमाल करते हैं बैंक लॉकर

बैंक लॉकर किसी भी खाताधारक का बेहद निजी और महत्वपूर्ण लॉकर होता है। आमतौर पर इसमें कीमती सामान रखा जाता है। ऐसे में बैंक की भी इसे लेकर बड़ी जिम्मेदारी होती है। हर लॉकर की दो चाबी होती हैं जिसमें से एक चाबी ग्राहक के पास और दूसरी बैंक के पास होती है। दोनों चाबियां लगाए जाने के बाद ही लॉकर खुल सकता है।

इसका सीधा मतलब है कि ग्राहक बिना बैंक प्रबंधन को जानकारी में लिए अपना लॉकर ऑपरेट नहीं कर सकता है। ऐसा करने का मकसद लॉकर की सुरक्षा बनाए रखना होता है। साल में बैंक लॉकर कितनी बार ऑपरेट किया जा सकेगा इसकी भी सीमा तय रहती है। अलग-अलग बैंकों के हिसाब से यह सीमा भी अलग-अलग है।

Posted By: Neeraj Vyas

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