तिरुअनंतपुरम। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने विवादास्पद "हिंदू पाकिस्तान" के बयान की अगली कड़ी में कहा, "मुझे लगता है कि हिंदुत्व का तालिबानीकरण शुरू हो चुका है।"

भाजपा अगर दोबारा सत्ता में आई तो वह देश को "हिंदू पाकिस्तान" बनाएगी के बयान के बाद उनके दफ्तर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं के तोड़फोड़ करने के एक दिन बाद थरूर ने मंगलवार को केरल के विपक्षी दल युनाइटेड

डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हिंदुत्व को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "वह मुझे पाकिस्तान जाने को कह रहे हैं। उन्हें यह फैसला करने का अधिकार उन्हें किसने दिया है।

उन्हें यह तय करने का अधिकार किसने दिया है कि मैं उनके जैसा हिंदू नहीं हूं और इसलिए मैं भारत में नहीं रह सकता हूं।"

इसके अलावा, दिल्ली में संसद के बाहर शशि थरूर ने कहा कि वह हिंदू पाकिस्तान के अपने बयानों को वापस नहीं लेंगे। साथ ही केरल में उनके दफ्तर पर हमला करने वालों से माफी मांगने की मांग की।

उन दावों के बारे में पूछे जाने पर जिसमें कहा जा रहा है कि वह अपने बयानों से देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तिरुअनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा, "ऐसा नहीं है। अगर आप भारत में केवल एक धर्म को स्थान देंगे तो वह भी संभवतः देश को तोड़ सकता है।

जब सब लोग एक साथ रहेंगे तो देश कैसे टूटेगा?"

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके दफ्तर में तोड़फोड़ की है उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लेकिन वह अपना बयान कतई नहीं बदलेंगे। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के पांच कार्यकर्ताओं को इस मामले में विगत दिवस गिरफ्तार करके जमानत पर छोड़ दिया गया है।


दफ्तर पर हमला करने वाले अराजक तत्वों पर कार्रवाई हो :

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लोकसभा में मानसून सत्र के पहले दिन उनके दफ्तर पर हमला करने वाले "अराजक तत्वों" के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

साथ ही इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करने को कहा।

बुधवार को थरूर के इस बयान से दूरी बनाते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कानून और व्यवस्था का मामला राज्य सरकार देखती है।

निचले सदन में इस विषय पर गरमागरम बहस तब छिड़ गई जब अनंत कुमार ने कहा कि थरूर के दफ्तर पर हुआ हमला "राज्य प्रायोजित" है।

इस बयान का विरोध सदन में कांग्रेस के साथ ही वाम दलों ने भी किया। लोकसभा के उपाध्यक्ष थंबीदुरई ने इस बहस के विवादस्पद अंशों को रिकार्ड से हटा दिया गया है।

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