UP Assembly Election 2022 : समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव की मुसीबत बढ़ सकती है। प्रदेश में चुनावी प्रचार के लिए उनकी रैलियां तो हो रही हैं लेकिन इसके लिए उनके पास कोई परमिशन नहीं है। लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी की रैली पर कहा कि हमने मामले का संज्ञान लिया है। आदर्श आचार संहिता और COVID-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया गया। हमने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रकाश ने बताया कि समाजवादी पार्टी की रैली बिना अनुमति के हो रही थी।

इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि डिजिटल इंडिया की गलती को कौन भूल सकता है। छापे कहीं और होने वाले थे, लेकिन उनके ही घर में खत्म हो गए। हम विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे थे। साइकिल बहुत मजबूत है क्योंकि समाजवादी और अंबेडकरवादी एक साथ आ गए हैं और इसे कोई नहीं रोक सकता। उन्‍होंने यह भी कहा कि, बीजेपी के विकेट एक के बाद एक गिरते जा रहे हैं।

हालांकि हमारे सीएम को क्रिकेट खेलना नहीं आता। जैसा स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि वह जहां भी जाते हैं, सरकार बनती है, इस बार भी वह अपने साथ भारी संख्या में नेताओं को लेकर आए। चुनावी हलचल के बीच आज बसपा के पूर्व विधायक नीरज कुशवाहा मौर्य, भाजपा के पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, बसपा के पूर्व विधायक बलराम सैनी, भाजपा के पूर्व विधायक राजेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व राज्य मंत्री विद्रोही मौर्य, पूर्व मुख्य सुरक्षा अधिकारी पदम सिंह और कांग्रेस के पूर्व विधायक बंसी सिंह पहाड़िया सपा में शामिल हो गए।

Posted By: Navodit Saktawat

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