गुरमीत लूथरा, अमृतसर। गृहमंत्री अमित शाह ने एक अहम फैसला करते हुए शिअद प्रधान और सांसद सुखबीर बादल से ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय कब्जे में लिए गए सिख समुदाय के बहुमूल्य खजाने और दस्तावेज के बारे में संबंधित रिकॉर्ड और लिस्ट मांगी है। गौरतलब है हाल ही में सुखबीर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शाह से मुलाकात सेना द्वारा 1984 में कब्जे में लिए गए सामान को वापस करने की मांग की थी। उसी के बाद अमित शाह ने सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से सेना द्वारा हासिल किए गए सामान की लिस्ट मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी तादाद में धार्मिक ग्रंथ, साहित्य और दस्तावेज सेना ने कब्जे में लिए गए थे।

इस मामले का दिलचस्प पहलू यह भी है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी 35 साल से बहुमूल्य खजाना लौटाने की मांग तो केंद्र सरकार से कर रही है लेकिन अभी तक पुख्ता रिकॉर्ड और लिस्ट मुहैया नहीं करवाई गई है। गृह मंत्रालय के पास भी इस संबंध में पुख्ता जानकारी नहीं है कि अभी तक कितना सामान और दस्तावेज लौटाए गए और कितने लौटानेा बाकी हैं। मंत्रालय को इस बात की भी जानकारी नहीं है कि सेना ने समस्त दस्तावेज और खजाना एसजीपीसी को लौटा दिया है अथवा नहीं।

एसजीपीसी के पूर्व सचिव रघुवीर सिह राजासांसी के मुताबिक सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में जब कभी भी दस्तावेज पहुंचता है या लाइब्रेरी में रखा जाता है तो उसका मुकम्मल रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके लिए बकायदा रजिस्टर रखे गए हैं। लाइब्रेरी में अब भी रजिस्टरों में रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है, इसलिए इस खजाने से संबंधी रिकॉर्ड भी एसजीपीसी के पास अवश्य होना चाहिए। लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक एसजीपीसी इन रिकॉर्डों को सरकार के सामने पेश नहीं कर पाया है।

अब जब सुखबीर बादल ने गृह मंत्री से मुलाकात कर सामान लौटाने की बात कही है तो एसजीपीसी ने भी आनन-फानन में 13 जून को बैठक बुलाई है। एसजीपीसी के मुताबिक दुर्लभ दस्तावेजों से धार्मिक साहित्य चोरी होने और गुम होने की बातों में अगर सच्चाई है तो यह सिखों के लिए अत्यंत चिताजनक मामला है।

सीबीआइ भी 2004 में दे चुकी है जवाब : गौरतलब है कि सिख नेता सतनाम सिह खंडा ने 2002 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से दस्तावेजों से संबंधी जवाब-तलब करने की अपील की थी। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को 2004 में जवाब देते हुए बताया था कि सेना एसजीपीसी का समस्त खजाना लौटा चुकी है।इसके बाद कोर्ट ने सतनाम सिह की याचिका को खारिज कर दिया था। गौरतलब है सीबीआई के माध्यम से सेना ने 1984 से लेकर 2004 के अंत तक अलग-अलग समय पर सात बार यह सामान लौटाया।

बहुमूल्य सामग्री लौटाने का दावा

सूत्रों के अनुसार 30 अक्टूबर 2004 को एसजीपीसी को खजाने के दो ट्रंक लौटा दिए गए थे। इन ट्रंकों में आग से जला हुआ सोना-चांदी, भारी मात्रा में भारतीय व विदेशी करंसी और दो ऐतिहासिक रिवाल्वर थे। उस समय के एसजीपीसी सचिव दलमेघ सिह, अधिकारी तरलोचन सिह, अधिकारी कुलदीप बावा और अन्य ने इस खजाने को फौज से कब्जे में लिया था। उस समय के केंद्रीय गृहमंत्री बूटा सिह ने कबूल किया था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान 125 बोरे सामग्री सेना ने अपने कब्जे में ले ली थी। समय-समय पर कुछ सामान वापस कर दिया गया है।

Posted By: Yogendra Sharma