भीमा कोरेगांव मामले (Bhima Koregaon Case) में आरोपी फादर स्टेन स्वामी (st Stan Swamy) का मुंबई के होली फैमिली अस्पताल में निधन हो गया। 84 वर्ष के स्टेन स्वामी को कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया था। रविवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सोमवार दोपहर उनकी अस्पताल में ही मौत हो गई। आपको बता दें कि आज ही स्टेन स्वामी की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होनी थी। उन्होंने जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, क्योंकि NIA की एक स्पेशल अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया था। सोमवार को उनके वकीलों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी मेडिकल जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। लेकिन सुनवाई से पहले ही उनकी मौत हो गई।

स्टेन स्वामी पर पर भीमा कोरेगांव मामले में हिंसा भड़काने का मामला चल रहा था। 1 जनवरी 2018 को दलित समुदाय के लोगों का एक कार्यक्रम हुआ था। एल्गार परिषद ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था और इस दौरान हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ की ओर से तमाम वाहन जला दिए गए थे। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल भी हुए थे। इसी मामले में उन्हें 8 अक्टूबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था।

वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता ने विशेष रूप से किसी भी अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया था और अंतरिम जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया था। बाद में उनकी सहमति पर अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को उन्हें एक निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। जेल में उनकी हालत मई के शुरुआत से ही बिगड़ रही थी लेकिन जेल अधिकारियों ने उनका कोविड टेस्ट तक नहीं कराया। इस बारे में हल्ला होने पर उनका टेस्ट कराया गया और वे पॉजिटिव पाए गए थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक दिन पहले ही 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में मिली एक शिकायत के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया था।

Posted By: Shailendra Kumar